औरतें और बच्चे रोते बिलखते रहे, पर उन्हें तरस नहीं आया और आंखों के सामने सपने टूटकर बिखर गए। बेबसी और तबाही का मंजर देखकर रो देंगे, तस्वीरें।
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अवैध निर्माण तोड़े
अवैध निर्माण तोड़ने के लिए एस्टेट ऑफिस की टीम शुक्रवार सुबह साढ़े आठ बजे जब लाव-लश्कर के साथ खुड्डाअलीशेर पहुंची तो पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। देखते-देखते अपने आशियाने को बचाने के लिए बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतर आए। सूचना पर भाजपा, कांग्रेस समेत अन्य सियासी दलों के नेता भी कार्यकर्ताओं के साथ खुड्डाअलीशेर पहुंच गए। नेताओं के साथ स्थानीय लोगों ने कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया।
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अवैध निर्माण तोड़े
दोनों पक्षों में जमकर बहस हुई। लोग किसी भी कीमत पर अपने घर को तोड़ने नहीं देना चाहते थे। विरोध को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंच गया था। विरोध दबाने के लिए पुलिस ने जमकर बल प्रयोग किया। पुलिस ने महिलाओं को घसीटा गया और बुजुर्गों से मारपीट की गई। यहां तक की नेताओं को भी पुलिस ने घसीटकर मौके से हटाया। इस दौरान दोनों पक्षों में जमकर झड़प हुई।
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अवैध निर्माण तोड़े
आठ घंटे चली कार्रवाई में करीब 55 अवैध निर्माणों को जेसीबी की मदद से ढहा दिया। इस दौरान कई लोगों को हिरासत में भी लिया गया, जिन्हें कार्रवाई के बाद शाम को छोड़ दिया गया। डीसी अजित बालाजी जोशी के आदेश पर शुक्रवार सुबह खुड्डाअलीशेर में अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की गई। एस्टेट ऑफिस की टीम एसडीएम अर्जुन शर्मा, एसडीएम विराट और तहसीलदार अमरेंद्र सिंह की अगुवाई में सुबह साढ़े आठ बजे इलाके में जेसीबी के साथ पहुंची।
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अवैध निर्माण तोड़े
टीम को देखते ही इलाके के लोग सड़क पर उतर आए और कार्रवाई का विरोध करने लगे। दोनों पक्षों में जमकर बहस शुरू हो गई। स्थानीय लोग मकानों पर जेसीबी नहीं चलने देने पर अड़ गए। विरोध को देखते हुए बड़ी संख्या में मौजूद पुलिस ने बल प्रयोग शुरू कर दिया। इस दौरान महिलाएं और बुजुर्ग हाथ जोड़कर अपने घर को न तोड़ने की गुहार लगाते दिखे लेकिन पुलिस और प्रशासनिक अफसरों पर इसका कोई असर नहीं हुआ।
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अवैध निर्माण तोड़े
जेसीबी ने एक-एक कर इलाके के मकानों को तोड़ना शुरू कर दिया। इस दौरान कृषि भूमि पर बने करीब 55 अवैध निर्माणों को ढहा दिया गया। इनमें 8 से 10 के करीब दुकानें भी शामिल थीं। एसडीएम अर्जुन शर्मा ने बताया कि हाईकोर्ट के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है। शर्मा ने कहा कार्रवाई से पहले लोगों को घर खाली करने के लिए नोटिस भेज दिए गए थे। इसके बावजूद भी लोगों ने घर खाली नहीं किए।
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अवैध निर्माण तोड़े
एसडीएम ने बताया कि इन मकानों को तोड़ने के लिए वर्ष 2003 में ही आदेश जारी कर दिए गए थे लेकिन राजनीतिक दखल के चलते इन्हें अमल में नहीं लाया जा सका। वहीं, एसडीएम विराट ने बताया कि जिन मकानों व दुकानों को तोड़ा गया है, वे एग्रीकल्चर लैंड पर बने हुए थे। एस्टेट ऑफिस की डेमोलिशन ड्राइव शाम पांच बजे तक चली।
कुछ लोगों के फार्म हाउस छोड़े, गरीबों के घर तोड़े
खुड्डाअलीशेर में एस्टेट ऑफिस ने जिन लोगों के घर तोड़े, उनमें से राम सेवक, विकास व अन्य लोगों ने आरोप लगाते हुए कहा कि गांव के बीचोंबीच कुछ रसूखदार लोगों के फार्म हाउस भी हैं लेकिन एस्टेट ऑफिस की टीम ने उन पर कार्रवाई नहीं की और हम गरीबों के घर पर बुलडोजर चला दिया। जब इस बारे में एसडीएम अर्जुन से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि फार्म हाउस पुराने हैं, इन पर कार्रवाई करने को लेकर हाईकोर्ट की ओर से कोई निर्देश नहीं हैं।