दुनिया का सबसे बड़ा रावण का पुतला धनास के ग्राउंड में खड़ा हो चुका है। 221 फीट ऊंचा रावण का यह पुतला न तो गलेगा और न ही गिरेगा, देखिए तस्वीरें।
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दुनिया का सबसे बड़ा रावण
- फोटो : अमर उजाला
रावण को वाटरप्रूफ बनाया गया है। 70 से 100 किलोमीटर की रफ्तार से तेज आंधी या तूफान आए या फिर मूसलाधार बारिश होने पर भी रावण पूरी तरह से खड़ा रहेगा। ढाई लाख वर्ग फीट के घेरे में रावण का पुतला खड़ा है। उस घेरे में किसी को भी जाने की इजाजत नहीं है। पुतले का करीब 800 फीट की दूरी से रिमोट द्वारा दहन होगा।
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रावण के पुतले की आंख की खासियत यह है कि आप उसके सामने किसी भी साइड में खड़े होंगे तो ऐसा लगेगा कि रावण आपको ही देख रहा है। रावण का पुतला बराड़ा अंबाला निवासी राणा तेजिंदर सिंह चौहान बना रहे हैं। इसका खर्च शहर की धार्मिक संस्था शिव पार्वती सेवादल की ओर से किया जा रहा है।
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तेजिंदर पाल सिंह चौहान ने बताया कि पिछले वर्ष ही मैंने रावण का पुतला बनाने के लिए मना कर दिया था। इसका कारण फंड नहीं होना था। उसी वक्त शिव पार्वती सेवादल के प्रधान रजिंदर सिंह ने कहा कि इस कला को लुप्त नहीं होने देंगे। इस बार का पूरा खर्च शिव पार्वती सेवादल की ओर से किया जा रहा है।
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उनका कहना है कि यदि शिव पार्वती सेवादल आगे न आता तो यह कार्य संभव नहीं था। शिव पार्वती सेवादल को कई संस्थाएं भी सहयोग कर रही हैं। मार्बल मार्केट एसोसिएशन के महासचिव नितिन गुप्ता ने बताया कि चंडीगढ़ के लोगों के लिए गर्व की बात है कि दुनिया का सबसे बड़ा रावण का पुतला चंडीगढ़ में बना है।
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शिव पार्वती सेवादल के प्रधान राजेंद्र सिंह सामंत ने बताया कि दशहरा पर पंजाब के गवर्नर और चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होंगे। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विशेष अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इसके अलावा कई गण्यमान्य लोगों के पहुंचने की उम्मीद है।
सोमवार को रावण दहन स्थल पर एक शाम भोले बाबा के अराध्य श्रीराम के नाम कार्यक्रम होगा। जालंधर से आए मुकेश इनायत भजन पेश करेंगे। उन्होंने बताया कि रावण के पुतले की रक्षा छह लोग जाग कर करते हैं। कुल 40 लोग काम करने वाले हैं। रात में बारी बारी से छह छह लोग जागकर सुरक्षा करते हैं। दशहरा के लिए करीब ढाई सौ बाउंसर भी होंगे जो सुरक्षा को देखेंगे।