स्तन और लीवर कैंसर के रोगियों पर अब दवाएं अधिक प्रभावी होंगी। यह सफलता पंजाब विश्वविद्यालय के फार्मास्युटिकल विभाग के शोधार्थियों को शोध में मिली है। पीयू के सीनियर प्रोफेसर भूपिंदर सिंह भूप के निर्देशन में छह साल तक चले इस शोध के बड़े अच्छे परिणाम आए हैं। कैंसर में प्रयोग की जाने वाली दवाओं का असर शरीर पर 0.003 फीसदी पड़ रहा था, अब रिसर्च के जरिए यह बढ़कर 0.027 फीसदी तक पहुंच गया। एक दवा का असर तो 60 फीसदी तक पहुंचा है। नैनो फॉर्मूले के जरिए एनिमल स्टडी पूरी हो गई है। अब फार्मा इंडस्ट्री इस फॉर्मूले के जरिए अपना कार्य आगे बढ़ा सकती हैं। इन दवाओं से शरीर पर भी कम नुकसान होगा।