फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अगर आम खाने के शौकीन हैं, तो देखिए कितने बड़े खतरे में हैं आप!

Wed, 07 Jun 2017 09:37 AM IST
amarujala.com- Presented by: खुशबू गोयल
विज्ञापन
1 of 7
आम
आम खाने का शौक रखते हैं और आते जाते सड़क किनारे बिकने वाले आम खरीदकर घर ले जाते हैं तो संभल जाएं। आप बहुत बड़े खतरे में हैं, देखिए...
विज्ञापन

2 of 7
Mango
बात ये हैं कि पपीते के बाद आम को भी कैल्शियम कार्बाइड से पकाने का मामला सामने आया है। फूड एंड सेफ्टी डिपार्टमेंट ने चंडीगढ़ में छापा मारकर कई किलो आम पकड़ा है। ये आम कैल्शियम कार्बाइड से पकाए जा रहे थे।
विज्ञापन

3 of 7
mango eating
बता दें कि फलों के पकाने के लिए केमिकल के इस्तेमाल पर रोक है। इसके बावजूद आम को कैमिकल से पकाया जाता है। फूड एंड सेफ्टी डिपार्टमेंट  की हिदायत को दरकिनार करके मंडी में चोरी-छिपे यह काम अंजाम दिया जा रहा है।

4 of 7
mango eating
पिछले एक महीने में फूड एंड सेफ्टी डिपार्टमेंट कई छापामारी कर चुकी है। सबसे पहली रेड में ढाई टन पपीता, उसके बाद पांच टन पपीता, फिर 200 किलो और फिर 180 किलो आम पकड़ा गया। अभी भी छापामारी जानी है और कई किलो आम पकड़ा जा चुका है।
विज्ञापन

5 of 7
आम का सीजन - फोटो : amar ujala
विशेषज्ञों का कहना है कि जहां से फलों की सप्लाई होती है, वहां पर केमिकल या इथिलिन नहीं डाला जाता। चंडीगढ़ में फल पकाने का काम होता है। लोगों को यदि स्वच्छ फल खरीदने हैं तो सुबह छह बजे के आसपास मंडी पहुंचें और फल खरीदें। उस दौरान जो भी फल मिलेंगे वे ताजे और स्वच्छ होंगे।
विज्ञापन

6 of 7
mango eating
कैल्शियम कार्बाइड से नुकसान
पीजीआई से जुड़े डाक्टरों ने बताया कि केमिकल युक्त फल खाने से न्यूरो से संबंधित बीमारियां फैलने का खतरा रहता है। डायरिया और पेट संबंधी बीमारियों का खतरा रहता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
mango eating
कैसे पहचानें केमिकल का इस्तेमाल
यदि फल पूरे एक रंग से पक रहा है तो समझ जाइए कि केमिकल का इस्तेमाल किया गया है। बिना केमिकल से फल पर कई रंग होते हैं जैसे कि आम कहीं से पीला होगा या फिर हरा। फल में जगह-जगह सफेद रंग के धब्बे जैसे होंगे। इससे आसानी से फल को पहचाना जा सकता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें