पहले भ्रूण की जांच करते थे, बेटी होती तो उसे कोख में मार देते। पुलिस ने स्टिंग ऑपरेशन करके ऐसा करने वाले दरिंदों को काबू किया। देखिए तस्वीरें।
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देखिए, बेटी को कोख में मारने वाले इन 'दरिंदे' डॉक्टर्स को
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सिरसा के डबवाली में सब इंस्पेक्टर सुखदेव सिंह ने बताया कि पुलिस ने गांव घुक्कांवाली में क्लीनिक चलाने वाले डॉ. जगदीश गोदारा को कमीशन लेकर गर्भवती महिलाओं का कन्या भ्रूण टेस्ट कराने के आरोप में काबू किया था।
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पुलिस पूछताछ में डॉ. जगदीश गोदारा ने बताया कि मोगा रेलवे रोड पर लुधियाना बवासीर अस्पताल का मालिक डॉ. सुनीत मित्तल भी कन्या भ्रूण टेस्ट करता है। इसके आधार पर हरियाणा पुलिस ने स्टिंग ऑपरेशन की योजना बनाई।
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इस स्टिंग के लिए सिविल सर्जन सिरसा से भी तालमेल कर टीम तैयार की गई और इसकी सूचना स्थानीय सेहत विभाग को भी दी गई। स्टिंग के तहत हरियाणा पुलिस ने एक गर्भवती महिला कांस्टेबल को कन्या भ्रूण टेस्ट के लिए 17 हजार नकदी देकर डॉ. जगदीश गोदारा के साथ भेज दिया।
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इसके बाद पुलिस ने दोनों राज्यों की सेहत विभाग की टीम की मौजूदगी में आरोपी डॉ. सुनील मित्तल को टेस्ट करते रंगे हाथ काबू कर लिया। स्थानीय सिविल सर्जन डॉ. रेणू मंगला ने कहा कि उन्होंने कई बार छापा मारने की योजना बनाई, लेकिन उनका ऑपरेशन लीक हो जाता था। इस वजह से यह डाक्टर बचता आ रहा था।
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डॉ. रेणू मंगला ने बताया कि अल्ट्रासाउंड मशीन और कन्या भ्रूण टेस्ट करने का सामान को सील कर दिया गया है। 4 नवंबर 2013 को भी इस अस्पताल में सेहत मंत्री सुरजीत कुमार ज्याणी ने अपने निजी सचिव राकेश सहगल के नेतृत्व में स्टिंग ऑपरेशन किया था, लेकिन बाद में मामला रफा-दफा कर दिया गया।