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आधार कार्ड के बारे में एक ऐसी जानकारी, नहीं देखी तो बड़ी मुसीबत झेलेंगे

Wed, 31 Jan 2018 10:41 PM IST
विजेंद्र कौशिक/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
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आधार कार्ड के बारे में अब एक ऐसी जानकारी सामने आई है, जिसके बारे में लोगों को शायद पता नहीं है। ये खबर पढ़िए, नहीं देखी तो मुसीबत झलेंगे।
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आधार - फोटो : SELF
दरअसल, अब प्राइवेट प्लेस पर आधार कार्ड नहीं बनाए जाएंगे। चंडीगढ़ मुख्यालय की ओर से पत्र भेजकर न केवल प्रशासन को कदम उठाने की हिदायत दी गई हैं, बल्कि लिंक भी बंद कर दिया गया है। हरियाणा सरकार ने यह फरमान जारी कर दिया है। इस पर अमल करते हुए रोहतक में 25 जगह निजी आधार बनाने के केंद्र बंद हो गए हैं। सरकारी विभाग के रिकार्ड में केवल तीन लिंक लघु सचिवालय, एक-एक पीजीआई व सिविल अस्पताल में दिया गया है।
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आधार कार्ड
अब सरकारी कार्यालय में एडीसी की अनुमति से ही आधार बनाने के लिए लिंक लिया जा सकेगा। जिले में अब तक 30 जगह आधार कार्ड बनाए जा रहे थे। इसमें 20 जगह सरकारी कार्यालय में चल रहे थे तो 10 निजी दुकान या केंद्र से आपरेट किए जा रहे थे। पिछले सप्ताह सरकार की तरफ से जिला प्रशासन को पत्र जारी किया गया कि यूडीआई ने राष्ट्रीय स्तर पर निजी लिंक बंद करने का फैसला किया है।

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इसके दो कारण हैं, एक तो ज्यादातर लोगों के आधार कार्ड बन चुके हैं, दूसरा गलत आधार कार्ड बनाने की संभावना भी नहीं रहेगी। अब तो आधार कार्ड के अंदर नाम या पत्ता बदलवाने के लिए ज्यादातर लोग आ रहे हैं। ऐसे में ऐसे में तत्काल प्रभाव से निजी आधार कार्ड बनाने के केंद्र बंद किए जाएं। साथ ही सरकारी कार्यालयों में भी चल रहे आधार केंद्रों की जांच पड़ताल की जाए।
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aadhar card
अब एडीसी की अनुमित से ही मिलेगा लिंक
सरकारी कार्यालय या विभाग में आधार कार्ड बनाने का केंद्र खोलने के लिए एडीसी से अनुमति लेनी पड़ेगी। उनकी अनुमति के बाद ही आईटी सैल लिंक जारी करेगी। यह कदम गड़बड़ियों को रोकने के लिए उठाया गया है।
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आईटी सैल ने दिए केवल लिंक
लघु सचिवालय स्थित आईटी सैल ने केवल पांच जगह आधार कार्ड बनाने के लिए लिंक उपलब्ध करवाए हैं। इसमें तीन लिंक लघु सचिवालय में हैं, जहां तीन मशीनें लगी हैं। जबकि एक-एक लिंक पीजीआई व सिविल अस्पताल में दिया गया है। दोनों जगह नवजात बच्चों के पैदा होते ही आधार कार्ड बनाए जाते हैं।
- मुनीष गुप्ता, डीआईओ
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