इस बार 19 अक्तूबर 2017, दिवाली के त्योहार पर सात साल बाद शुभ संयोग बन रहा है और मां लक्ष्मी पूजन के लिए सिर्फ 51 मिनट होंगे। दिवाली के दिन इन तीन मुहूर्तों में लक्ष्मी पूजन करें, पैसा ही पैसा बरसेगा।
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दिवाली 2017
सेक्टर-12 स्थित श्री सनातन धर्म शिव मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित राम पाठक ने बताया कि दिवाली का त्योहार कार्तिक मास की अमावस्या को बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। अब की बार 19 अक्तूबर 2017 के दिन वीरवार को दिवाली है। दिवाली के दिन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करने की मान्यता है। धर्म शास्त्रों में दिवाली में लक्ष्मी गणेश पूजन में प्रदोष काल का भी खासा महत्व होता है। उन्होंने बताया कि दिन-रात के संयोग को ही प्रदोष काल कहते है।
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दिवाली 2017
इस बार की दिवाली पर लक्ष्मी पूजन के लिए प्रदोष काल मुहूर्त, महानिशिता काल मुहूर्त और चौघड़िया पूजा मुहूर्त हैं। जो दिवाली की खुशियों को तीन गुणा बढ़ा देंगे। इन तीनों मुहूर्तों में पूजा करने का अपना ही विशेष महत्व होता है। तीनों मुहुर्तों में मां लक्ष्मी के साथ विष्णु, गणेश और कुबेर की पूजा करने से घर में सुख-शांति व समृद्धि तीन गुणा मिलेगी। प्रदोष काल में महालक्ष्मी पूजन का मंत्र जप अनुष्ष्ठान और दीपक पूजन करना चाहिए।
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दिवाली 2017
श्री महाकाली मंदिर स्थित भृगु ज्योतिष केंद्र के प्रमुख बीरेंद्र नारायण मिश्र बताते हैं कि 18 अक्तूबर दिन बुधवार को रात 12 बजकर 13 मिनट पर अमावस्या प्रारंभ होकर 19 अक्तूबर 2017 दिन वीरवार को रात 12 बजकर 12 मिनट तक रहेगा। चंडीगढ़ में सूर्यास्त पांच बजकर 43 मिनट पर होगा। शाम पांच बजकर 43 मिनट से 8 बजकर 27 मिनट तक प्रदोष काल रहेगा। रात सात बजकर नौ मिनट से रात नौ बजेकर तीन मिनट तक वृष लग्न के साथ चर की चौघड़िया रहेगी। यह पूजन का सबसे उत्तम समय है।
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ये हैं शुभ मुहूर्त- प्रदोष काल मुहूर्त, मां लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त : शाम 05:43 से 08:16 तक। वृषभ काल : शाम 07:11 से 09:06 तक। चौघड़िया पूजा मुहूर्त, सुबह: 06:28 से 07:53, शाम : 04:19 से 08:55। महानिशिता काल मुहूर्त