पैरों पर खड़ी नहीं हो सकती खुशबू, लेकिन हाथों से वह जबरदस्त डांस परफॉर्मेंस देगी, इसका किसी ने अंदाजा तक नहीं लगाया था। तूने पायल है छनकाई... गाने पर खुशबू ने एक ही जगह बैठे-बैठे हाथों की मदद से ऐसा अनोखा नृत्य पेश किया कि सबने दांतों तले उंगली दबा ली।
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OMG! पांव नहीं हैं, हाथों से कर दिया डांस
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कानों से न के बराबर सुनने वाली आशिमा ने भी ऐसी ही प्रस्तुति देकर सबको आश्चर्यचकित कर दिया। मौका था बाल भवन में आयोजित तीसरे चेशर होम्स एनुअल अवॉर्ड्स-2015 का।
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इन बच्चों की ऐसी प्रस्तुति देखकर मुख्य अतिथि एडवाइजर विजय देव ने कहा कि एडमिनिस्ट्रेशन ऐसे बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रयासरत है। ऐसे लोगों को हर तरह की पब्लिक फैसिलिटी उपलब्ध करवाने पर जोर दिया जा रहा है।
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कार्यक्रम के दौरान डिसएबल्ड बच्चों और ऐसे बच्चों के लिए अच्छा काम करने वाली संस्थाओं को पुरस्कारों से भी नवाजा गया। चंडीगढ़ के इंस्टीट्यूट फॉर द ब्लाइंड को ‘एनजीओ प्रोवाइडिंग एजुकेशन एंड स्किल्स टू डिफ्रेंटली एबल्ड पर्संस’ कैटेगरी में सम्मानित किया गया।
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अमरजीत सिंह आनंद को इंडिविजुअल कैटेगरी में सम्मानित किया गया। वहीं, पटियाला की सोसाइटी फॉर वेलफेयर ऑफ हैंडीकैप्ड को ‘एनजीओ रेनडेरिंग सर्विस टू डिफ्रेंटली एबल्ड पर्सन’ कैटेगरी में सम्मानित किया गया। कर्नल करमिंदर सिंह ने सोसाइटी की ओर से अवॉर्ड हासिल किया।
गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी हिसार के हेड एंड प्रोफेसर डॉ. दुष्यंत गुप्ता को एक्सीलेंस परफॉर्मेंस डेडिकेशन कैटेगरी में अवॉर्ड दिया गया। जरूरतमंदों को एक व्हीलचेयर, तीन साइकिलें, एक ट्राइसिकल, दो सीपी चेयर, एक सिलाई मशीन और एक बैसाखी दी गई।