एक - एक करके 600 लोग दहकते अंगारों के बीच कूद पड़े और वहां मौजूद लोगों का हुजूम देखता रह गया। अंगारों के बीच में नंगे पांव चलने के पीछे वजह गजब की है।
विज्ञापन
2 of 5
Burning Coal at jalandhar
पंजाब के जालंधर में मां मारी अम्मा मेले में हर साल की तरह भक्तों ने मद्रासी मोहल्ला काजी मंडी में मां मारी अम्मा के लिए दहकते अंगारों पर चल कर परीक्षा दी। कोई खुद नंगे पांव दौड़ कर परीक्षा दे रहा था, तो कोई बच्चों को उठाकर परीक्षा के लिए अग्निकुंड में कूद रहा था।
विज्ञापन
3 of 5
Burning Coal at jalandhar
इस मेले कुंड तैयार किए गए कुंड के पास खड़े रहने पर असहनीय तपिश होती है। ऐसा लगभग 600 भक्तों ने क्रमवार किया।
4 of 5
Burning Coal at jalandhar
किसी के चेहरे पर भी रति भर आग की तपिश का खौफ नहीं था। हर कोई मंदिर में माथा टेक मां मारी अम्मा का जयघोष लगा बुलंद हौंसले के साथ परीक्षा दे रहा था। इसमें महिलाएं भी पीछे नहीं थीं। अगर कुंड में चलते दौड़ते समय व्रती का पैर डगमगाता था, तो सेवादार झट से उसे बाहर खींच लेते थे।
बचाव के लिए कुंड को दोनों तरफ पानी भी भर कर रखा हुआ था। भक्ति श्रद्धामय इस परीक्षा को देखने के लिए देर शाम से ही भक्त घर मंदिर की छत पर केवल मद्रासी समाज ही नहीं सभी धर्मों के लोग जुटने लगे थे।