साध्वी रेप केस में अगर डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को सजा हुई। जानिए अब वे कहां रहेंगे, मतलब उन्हें कहां रखा जाएगा।
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Ram Rahim Jail
सूत्रों के मुताबिक, गुरमीत राम रहीम सजा होने के बाद रोहतक जेल में रहेंगे। उन्हें किसी दूसरी जेल में शिफ्ट नहीं किया जाएगा। प्रदेश सरकार का मानना है कि डेरा प्रमुख के रोहतक जिले में अनुयायियों की संख्या कम है। इस कारण पुलिस को बार बार अनुयायियों को संभालने में परेशान नहीं होना पड़ेगा।
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Ram Rahim
दूसरा कारण, साथ ही सुनारिया जेल के आसपास कोई आबादी भी नहीं है। इस वजह से डेरा प्रमुख के लिए इस जेल को सुरक्षित माना जा रहा है। हालांकि सजा होने के बाद जेल डीजीपी पर निर्भर करेगा कि जेल में रखने का फैसला करेंगे।
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ram rahim
राम रहीम को आईपीसी की धारा 376 (रेप) और धारा 506 (आपराधिक धमकी देना) में सजा सुनाई जा सकती है। धारा 376 के तहत उसे न्यूनतम सात और अधिकतम 10 साल की सजा सुनाई जा सकती है। साथ ही जुर्माना भी लग सकता है। वहीं धारा 506 के तहत दो साल की जेल और जुर्माना हो सकता है।
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बाबा गुरमीत राम रहीम
कानूनविदों का कहना है कि दिल्ली के निर्भया कांड के बाद सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया, उसमें दुष्कर्म को गंभीर अपराध माना गया है। वरिष्ठ वकील दीपक भारद्वाज का कहना है कि डेरा मुखी गुरमीत राम रहीम को जेल के अंदर लगी सीबीआई की विशेष अदालत में उसी तरीके से पेश किया जाएगा, जैसे पहले किया गया था।
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संत गुरमीत राम रहीम
अदालत के अंदर जज प्रक्रिया शुरू करने की अनुमति देंगे। सजा की घोषणा से पहले डेरा मुखी की ओर से उनके वकील रहम की अपील कर सकते हैं। इसमें अदालत को बताया जा सकता है कि डेरा मुखी के करोड़ों अनुयायी हैं। वे समाज सेवा से जुड़े रहे हैं। स्कूल, अस्पताल से लेकर समाज में जागरूकता फैलाने का काम करते हैं।
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बाबा गुरमीत राम रहीम
वकील कह सकते हैं अदालत ने जब डेरा मुखी को दोषी मान ही लिया है तो उनके सामाजिक कार्यों को देखते हुए कम से कम सजा सुनाई जाए। इसके बाद सीबीआई के वकील अदालत में तर्क दे सकते हैं कि 25 अगस्त को जब अदालत ने डेरा मुखी को दोषी ठहराया, उसके बाद हिंसा भड़क उठी। जान-माल का कितना नुकसान हुआ, यह अदालत के सामने है।
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बाबा गुरमीत राम रहीम
सीबीआई के वकील अदालत में तर्क दे सकते हैं कि पीड़ित साध्वी ने पत्र लिखकर स्पष्ट किया हुआ है कि किस तरह अपराध को अंजाम दिया गया। एक तरफ समाज सेवा का ढोंग और दूसरी तरफ इस तरह का अपराध। ऐसे में दोषी को सख्त सजा दी जाए।
वरिष्ठ वकील दीपक भारद्वाज का कहना है कि डेरा मुखी का केस सामान्य नहीं है। विशेष मामलों की श्रेणी में आता है। केस के हिसाब से धाराएं लगाई जाती हैं। इस केस में आईपीसी की धारा 376 के साथ धारा 506 का पार्ट टू लगाया गया है। साथ ही 509 भी लगाई गई है। ऐसी स्थिति में आजीवन कारावास तक होने की संभावना है।