जेल से भागे कैदियों को पकड़ने के चक्कर में पुलिस के हाथों मारी गई युवती नेहा के अंतिम संस्कार में उसकी मां फूट-फूट कर रोई। मां के जन्मदिन पर नेहा की चिता सजी थी।
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पुलिस की लापरवाही से गई जान
नेहा के परिवार ने सोमवार को पुलिस कार्रवाई के विरोध में मृतक नेहा का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। परिवार वालों ने आरोप लगाया कि पुलिस की ओर से उनकी लड़की की मौत बिना किसी कारण के हो गई। फिर भी आरोपी पुलिस मुलाजिमों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। जब पुलिस प्रशासन ने मृतक नेहा के भाई को नौकरी और परिवार को आर्थिक मदद देने का भरोसा दिया तब जाकर अंतिम संस्कार किया गया।
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पुलिस की लापरवाही से गई जान
सूचना मिलते ही एसपी हेडक्वार्टर एसएस विर्क मौके पर पहुंचे और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने के लिए लेटर सौंपा और आर्थिक मदद करने के लिए भी कहा। उन्होने पुलिस के इस पत्र को काफी न मानते हुए डीसी से नौकरी का पत्र लिखवाकर देने की बात कही। विधायक मोहिंद्रा पुलिस के साथ बहसबाजी करते रहे। जिसके बाद एसएसपी गुरमीत सिंह चौहान और डीसी रामवीर सिंह मौके पर पहुंचे। जिन्होंने दोबारा पीडित परिवार को नौकरी देने का भरोसा दिलाया।
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नाभा जेल ब्रेक
जेल से फरार हुए कैदियों को पकड़ने के दौरान पुलिस की लापरवाही में मारी गई ऑर्केस्ट्रा कलाकार नेहा शर्मा का आज अंतिम संस्कार कर दिया गया। अंतिम विदाई पर रोते हुए नेहा की मां नीलम शर्मा के मुंह ये शब्द निकल रहे थे, मेरी बेटी तूने अपनी मां के जन्मदिन पर ये कैसा तोहफा दे डाला। नेहा की पड़ोसन रंजीत कौर ने बताया कि 15 वर्ष पहले पिता नरेश शर्मा की मौत के बाद नेहा अपने बड़े भाई रिंकू और छोटे भाई मंथन के साथ मोतीबाग में किराए के मकान में रहती थी।
नीलम शर्मा के मुताबिक प्राइवेट कंपनी में नौकरी कर नेहा अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही थी। 8 वर्ष पहले उसने बतौर ऑर्केस्ट्रा कलाकार कॅरिअर की शुरुआत की। शादी की बात करने पर वह मां से कहती थी कि अपना मकान बनाने के बाद ही शादी करेगी। गोबिंदबाग में 7 साल तक किराए पर रहने के बाद उसने एक साल पहले ही पड़ोस में अपनी कमाई से मकान खरीदा था।