मिलिए, पंजाब की इस पहली सिख बेटी से जिन्होंने यूएस आर्मी को ज्वाइन किया। अमेरिकी सेना में शामिल पंजाब की इस शेरनी बेटी पर विख्यात भारतीय लेखक खुशवंत सिंह ने ब्लॉग 'मिस सिंह इन एक्शन' लिखा है।
विज्ञापन
मिलिए, यूएस आर्मी ज्वाइन करने वाली भारत की पहली बेटी से
2 of 6
रणबीर कौर भारतीय मूल की पहली सिख युवती है जो अमेरिकी सेना में शामिल हुईं। 17 वर्ष की आयु में यूएस नेशनल गार्ड को ज्वाइन करने वाली रणबीर अमेरिका के सबसे कठिन मिशन अफगानिस्तान में डेढ़ साल गुजारे। सेल्यूट कीजिए, यूएस आर्मी में शामिल इस पहली सिख बेटी को।
विज्ञापन
मिलिए, यूएस आर्मी ज्वाइन करने वाली भारत की पहली बेटी से
3 of 6
अमेरिकी सेना ज्वाइन करने वाली पहली सिखणीं रणबीर कौर का जन्म पंजाब के जालंधर के गांव निज्जरन में हुआ। सात साल की आयु में 1990 में पिता महान सिंह को मिले ग्रीन कार्ड के बाद 7साल की आयु में अमेरिका पहुंची। रणबीर कौर का बचपन कैलिफोर्निया के अर्लीमार्ट नामक शहर में गुजरा जहां से उसने 2001 में डेलानो नामक निकटतम शहर में स्थित 9वीं कक्षा में हाई स्कूल में दाखिला लिया।
मिलिए, यूएस आर्मी ज्वाइन करने वाली भारत की पहली बेटी से
4 of 6
पंजाब की बेटी रणबीर कौर ने अमेरिका में रंगभेद समेत कई बाधाओं का सामना किया। अमेरिका आर्मी में शामिल होने की कोशिशों को यूएस नागरिकता हासिल करने से भी जोड़ा गया और उसका माखौल उड़ाया गया। लेकिन इन सब बाधाओं को पार करते हुए रणबीर ने 2003 में यूएस आर्मी को ज्वाइन किया। जहां से उन्होंने कठिन आर्मी ट्रेनिंग हासिल की।
विज्ञापन
मिलिए, यूएस आर्मी ज्वाइन करने वाली भारत की पहली बेटी से
5 of 6
अमेरिका के न्यू ऑर्लियंस शहर में 2005 में आए भयावह कैटरीना(तूफान) में रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान उन्होंने बेहतरीन जांबांजी का परिचय देते हुए गुरुद्वारे के आसपास के कई नागरिकों की जान बचाई साथ ही तूफान में तबाह हुए गुरुद्वारे से उन्होंने धार्मिक गुरु ग्रंथ साहिब को सुरक्षित निकाला।
मिलिए, यूएस आर्मी ज्वाइन करने वाली भारत की पहली बेटी से
6 of 6
पंजाब की बेटी रणबीर ने अमेरिकी सैन्य इतिहास के सबसे कठिन मिशन माने जाने वाले अफगानिस्तान और इराक में यूएस आर्मी भी ओर से भी हिस्सा लिया और कई बार अपनी जांबांजी का परिचय दिया। इराक मिशन के दौरान वे घायल भी हो गईं। घायल अवस्था में उन्हें अमेरिका वापस भेजा गया। ठीक होने के बाद रणबीर कौर इराक में वापस अपनी यूनिट को ज्वाइन किया और इराकी मिशन में बनीं रहीं।