जाट आरक्षण आंदोलन को 16 दिन हो गए हैं, लेकिन वहां के नजारे तो कुछ और ही हैं और इसकी गवाह हैं ये तस्वीरें। देखकर आप भी हैरान रह जाएंगे।
विज्ञापन
2 of 11
हरियाणा जाट आरक्षण आंदोनल धरना स्थल
दरअसल, रोहतक में जसिया में 15वें दिन रविवार को बड़ी संख्या में भीड़ जुटी। महिलाएं, पुरुष, बच्चे, युवा सब पहुंचे। इसी दौरान कुछ युवा डीजे लेकर भी पहुंचे। इस डीजे पर महिलाओं व युवकों ने गाड़ी पर चढ़कर सरेआम हथियार लहराते हुए डांस भी किया। इस पर वहां मौजूद पुलिस अलर्ट हो गई। अब जानकारी मिल रही है की वह एयरगन थी। इस वजह से रविवार को चंडीगढ़ तक हलचल हो गई।
विज्ञापन
3 of 11
हरियाणा जाट आरक्षण आंदोनल धरना स्थल
मामले को धरना कमेटी के भी संज्ञान में लाया गया। डीसी अतुल कुमार ने न केवल धरना कमेटी के सदस्यों, बल्कि एसपी से भी बात की। वहीं, एसपी पंकज नैन ने बताया कि गन नकली लग रही है, फिर भी पुलिस मामले की जांच पड़ताल कर रही है, जबकि जाट आरक्षण संघर्ष कमेटी के जिला अध्यक्ष राज सिंह हुड्डा का कहना है कि ऐसे लोगों के लिए धरनास्थल पर जगह नहीं है। जल्द किशोर के परिजनों और गांव वालों से बातचीत की जाएगी।
4 of 11
हरियाणा जाट आरक्षण आंदोनल धरना स्थल
इस वाकये पर बयान देते हुए जाट आरक्षण संघर्ष समिति के नेता यशपाल मलिक ने कहा है कि धरनों पर डीजे लाने पर नियंत्रण लगा दिया है। जिस युवाओं पर हथियार लहराने का आरोप है वह एयरगन थी। सदर थाने के हेड कांस्टेबल सोमबीर सिंह ने मामले को लेकर थाने में केस दर्ज कराया है। शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात युवक के खिलाफ धारा 144 का उल्लंघन व आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है।
विज्ञापन
5 of 11
हरियाणा जाट आरक्षण आंदोनल धरना स्थल
अपनी शिकायत में हेड कांस्टेबल ने कहा कि वह रविवार को हवलदार नरेश, मुकेश, रमेश व अन्य के साथ जसिया धरना स्थल के पास रोहतक-पानीपत रोड पर मौजूद था। इस दौरान धरनास्थल व उसके आस-पास अधिक भीड़ थी जिसमें एक लड़का हाथ में बंदूक लिए दिखाई दिया। उसने उसे पकड़ने की कोशिश की तो वह भीड़ में आंखों से ओझल हो गया। एक कार के ऊपर चढ़कर महिलाओं ने जमकर डांस किया था और उनके हाथों में एक बंदूक थी।
विज्ञापन
6 of 11
हरियाणा जाट आरक्षण आंदोनल धरना स्थल
बता दें कि जाटों ने अपनी सातों मांगों से सरकार को अवगत करा दिया है। अब गेंद सरकार के पाले में है। अगर मांगें पूरी नहीं हुईं तो 19 फरवरी को बिना रेल रोके और रोड जाम किए ही प्रदेश में हल्लण आ जाएगा। प्रदेश में जसिया समेत तीन जगहों पर चल रहे आरक्षण संघर्ष समिति के धरने में रविवार को पहुंचे यशपाल मलिक ने यह बात कही। 19 फरवरी को ही बलिदान दिवस बनाया जाएगा।
विज्ञापन
7 of 11
हरियाणा जाट आरक्षण आंदोलन
मलिक ने कहा कि जाट आरक्षण आंदोलन आगे बढ़ रहा है। सरकार को इस धोखे में नहीं रहना चाहिए कि धरने शांतिपूर्ण ढंग से चलते रहेंगे और सरकार पर असर नहीं पड़ेगा। मलिक ने कहा कि पानीपत में अधिकारियों से सकारात्मक बातचीत हुई है। भाजपा से उनकी निजी लड़ाई नहीं है। मामला मुद्दों का है। यह पहले से तय था कि यदि प्रदेश सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी तो यूपी, पंजाब और उत्तराखंड में भाजपा को हराने के लिए जाट मैदान में उतरेंगे।
8 of 11
जाट नेता यशपाल मलिक
पंजाब के बाद उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में जाटों के विरोध का सामना कर रही भाजपा के लिए हरियाणा के जाटों ने मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। हरियाणा में आरक्षण व अन्य सात मांगों को लेकर पंद्रह दिन से धरनों पर डटे जाट आंदोलनकारी खट्टर सरकार की ओर से गठित पांच सदस्यीय वार्ता समिति में केंद्र सरकार का भी एक प्रतिनिधि चाहते हैं।
9 of 11
file photo
- फोटो : अमर उजाला
जाट आंदोलनकारियों का तर्क है कि पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से जाट आरक्षण पर लगा स्टे हटने के बाद केंद्र सरकार उन्हें संविधान की नौवीं सूची में शामिल करने का पक्का आश्वासन दे। मामला केंद्र स्तर का है, इसलिए हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति इसे लेकर कोई वादा उनसे नहीं कर सकती। ऐसे में केंद्र सरकार का एक प्रतिनिधि समिति में जल्द शामिल किया जाए।
10 of 11
जाट आरक्षण आंदोलन
मलिक का कहना है कि हरियाणा की समिति उन्हें केंद्र में आरक्षण का कोई आश्वासन नहीं दे सकती। उन्होंने समिति को बता दिया है कि वे सरकार को इससे अवगत करा दें कि अगले दौर की वार्ता से पहले केंद्र से भी मामले में चर्चा कर ली जाए, ताकि उन्हें केंद्र की नौवीं सूची में शामिल किए जाने का ठोस आश्वासन मिल सके। हरियाणा की मांगों के साथ ही यह भी अहम मुद्दा है, इसलिए इसका भी आंदोलन खत्म होने से पहले पूरा होना जरूरी है।
मलिक गुट के इस दांव से सरकार के सामने और दिक्कत खड़ी हो गई है। चूंकि मुख्यमंत्री मनोहर लाल स्टे हटने पर केंद्र सरकार को नौवीं सूची में शामिल करने का पत्र लिखने का आश्वासन दे चुके हैं, जिससे जाट संतुष्ट नहीं है। वहीं जींद के ईक्कस गांव में धरने पर अब पक्का मंच बना दिया गया है। वहीं, धरने पर पहुंची कुछ महिलाओं ने सरकार को चेताया कि यदि मांगें नहीं मानी जाती तो गांवों के स्कूलों को बंद कर रोड जाम किया जाएगा।