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देखिए, क्या हुआ था 23 दिसंबर 1995 को, मरे थे 442 लोग

Thu, 24 Dec 2015 08:40 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, चंडीगढ़
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20 साल पहले आज के ही दिन हरियाणा के इतिहास में सबसे बड़ा अग्निकांड हुआ था, जिसमें 442 लोग मारे गए थे। आज 20वीं बरसी है, पर टीस बाकी है। देखिए, क्या हुआ था?
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देखिए, क्या हुआ था 23 दिसंबर 1995 को, मरे थे 442 लोग

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23 दिसंबर 1995 को डबवाली में राजीव मैरिज पैलेस (अब अग्निकांड स्मारक स्थल) में डीएवी स्कूल का वार्षिक कार्यक्रम चल रहा था। इतने में बिजली की शॉर्ट सर्किट से पंडाल के गेट से लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। हादसे में 442 लोगों की जान गई थी।

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मृतकों में जिसमें 36 व्यस्क, 258 स्कूली बच्चे और 125 घरेलू महिलाएं व 13 अन्य थे, जबकि 88 लोग घायल हुए थे। बता दें कि कार्यक्रम में करीब दो हजार लोगों ने भाग लिया था। आग से झुलसे लोगों में से 30 ऐसे लोग हैं, जो अपाहिज हो गए।

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उस समय हालात यह हो गए थे कि मृतक बच्चों, महिलाओं, युवकों तथा पुरुषों के शवों को दफनाने और जलाने के लिए शहर के रामबाग में जगह कम पड़ गई थी। जिसके चलते यहां भी लोगों को खेत-खलिहान में स्थान मिला। वहीं पर शवों को दफनाया गया और अग्नि दी गई।

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वहीं घायलों को उपचार के लिए अस्पतालों में चिकित्सकों का अभाव हो गया। घायलों को तत्काल इलाज के लिए निजी अस्पतालों के साथ-साथ आस-पास के शहरों में तथा गंभीरों को लुधियाना, चंडीगढ़, रोहतक, दिल्ली के निजी तथा सरकारी अस्पतालों में उपचार के लिए ले जाया गया था।

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28 वर्षीय सुमन कौशल की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। सुमन इस अग्निकांड में बुरी तरह से जल गई थी। उस वक्त पीड़ितों को सरकार की ओर से आश्वासन दिया गया था कि उसे नौकरी दी जाएगी। सुमन तत्कालीन सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा से तीन बार मिल चुकी थीं। लेकिन हर बार जवाब मिला, देखेंगे।
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