तीन महीने पहले नौकरी के लिए लीबिया गए तीन भारतीय युवकों को वहां एक ऑयल कंपनी में बंधक बना लिया गया है। whatsapp पर विदेशमंत्री से मदद मांगी गई है।
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whatsapp, arrested in libya
- फोटो : amarujala
तीनों ही युवक लुधियाना के हैं। वहां की कंपनी की ओर से उन्हें न तो वेतन दिया जा रहा है, न ही उनका पासपोर्ट वापस किया जा रहा है। युवकों के परिजनों ने इंडियन ह्यूमन राइट्स ऑर्गेनाइजेशन के जरिये विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मदद की गुहार लगाई है।
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three indian arrested in libya
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तीनों युवकों के परिजनों ने सोमवार को यहां प्रेस क्लब में प्रेसवार्ता के दौरान अपनी व्यथा सुनाई। उन्होंने बताया कि सरबजीत सिंह, टीटू बांसल और मलकीत सिंह अप्रैल-2016 में लीबिया गए थे। सरबजीत सिंह की पत्नी कुलविंदर कौर ने बताया कि वह 28 अप्रैल-2016 को नौकरी के लिए लीबिया गया था। लुधियाना के एक एजेंट ने उसकी नौकरी लीबिया की अल बराज ऑयल सर्विस कंपनी में बतौर वेल्डर लगवाई थी।
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हालांकि कुछ समय बाद कंपनी वालों ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। इतना ही नहीं, उसका पासपोर्ट भी अपने पास रख लिया। तीनों युवकों के पास न तो फोन हैं और न ही पैसे। किसी तरह मौका पाकर उन्होंने अपने परिजनों को विडियो मैसेज भेजे तो सबको हकीकत का पता चला। इससे साफ है कि उनकी हालत बेहद खराब है, उन्हें कोई चिकित्सा सहायता भी नहीं मिल रही है।
मलकीत सिंह की पत्नी मनप्रीत कौर ने बताया कि अब सिर्फ विदेश मंत्रालय ही उन तीनों को बचा सकता है। टीटू बांसल के बेटे गुरदीप ने बताया कि उसके पिता शुगर के मरीज हैं। उनके पास दवा के पैसे भी नहीं हैं। उनकी हालत बेहद खराब है। उन्होंने लीबिया स्थित भारतीय दूतावास से भी संपर्क किया, लेकिन वहां से कोई मदद नहीं मिली। आईएचआरओ के प्रेसिडेंट जसप्रीत सिद्धू ने बताया कि उन्होंने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को पत्र लिख कर मदद की गुहार लगाई है।