रेलवे ट्रैक से तीन दोस्तों के शव मिलने से सनसनी फैल गई। तीनों ही दोस्तों ने एक-दूसरे को गले लगा रखा था। तस्वीरें इतनी दर्शनाक हैं जिन्हें आप देख नहीं पाएंगे।
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मृतक के परिजन
एक साथ तीन युवकों की मौत के चलते गांव कन्हड़ी में सन्नाटा पसरा हुआ है। गांव में हरेक की जुबां पर इसी सामूहिक आत्महत्या की चर्चा है लेकिन अजनबी चेहरा दिखते ही ग्रामीणों के मुंह मानो सिल जाते हैं। सब ये तो कहते हैं कि तीनों युवक बहुत शरीफ थे, ऐसा कदम कैसे उठा लिया, इसके बारे में कोई जानकारी किसी को नहीं। बहरहाल बुधवार सुबह हादसे की सूचना मिलने के बाद से कन्हड़ी की गलियों में चहल-पहल थम सी गई है। दोपहर बाद गांव में तीनों युवकों के शव अंतिम संस्कार के लिए पहुंचे तो गांव में परिजनों की चीत्कार गूंजनी शुरू हो गई।
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ग्रामीण
एक ही गली में था मोनू व अशोक का घर
गांव कन्हड़ी की एक ही गली में मृतक मोनू और अशोक का घर था। मोनू शहर के एक निजी स्कूल में पढ़ता था जबकि अशोक की गांव के ही बस स्टैंड पर इलैक्ट्रिशियन की दुकान करता था। बस से गांव लौटते समय अक्सर मोनू अशोक की दुकान पर बैठ जाता था जिसके चलते दोनों में दोस्ती हो गई। इसी के साथ ही गांव का रहने वाला नवीन भी अक्सर उनकी दुकान पर ही आकर बैठ जाता था और आपस में गप्पे लड़ाते रहते थे। सालों से यही सिलसला चला आ रहा था।
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रोती-बिलखती महिलाएं
एक माह पहले हुई थी मृतक नवीन के पिता की मौत
मृतक नवीन के परिजनों के लिए एक माह में ये दूसरा झटका है। लगभग एक माह पहले ही उसके पिता की लंबी बीमारी के बाद मौत हुई थी। परिवार अभी उस झटके से ही नहीं उबरा था कि अब अचानक नवीन की अपने दो दोस्तों के साथ इस तरह सुसाइड की खबर ने उनको अंदर से तोड़ दिया है। परिजनों ने इस बारे में किसी से कोई बात नहीं की है और मीडिया से भी लगातार दूरी बना रखी है।
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गांव में पसरा सन्नाटा
एक ही साथ जली तीनों दोस्तों की चिताएं, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
नरवाना सामान्य अस्पताल में मृतकों मोनू, अशोक व नवीन के शव पोस्टमार्टम के बाद बुधवार दोपहर बाद ही परिजनों को मिले। बुधवार सांय गांव के ही स्वर्गाश्रम में तीनों दोस्तों का एक समय में ही अंतिम संस्कार कर दिया गया। संस्कार के समय परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।
क्या कहते है परिजन
इस बारे में मृतक अशोक के चाचा सुल्तान ने बताया कि उसके भतीजे अशेाक की गांव में दुकान थी तथा मोनू भी कई बार वहां पर आकर बैठ जाता था। उन्होंने बताया कि नवीन, अशोक व मोनू की गहरी दोस्ती थी। इन तीनों के बीच कोई मनमुटाव भी नही था और हमेशा ही आपस में एक दूसरे के साथ हंसते खेलते देखा था। ऐसे में उन्होंने इतना बड़ा कदम किस तरह उठा लिया, इससे वे खुद स्तब्ध हैं और परिवार को तो अभी तक यकीन ही नहीं हो रहा है।