हरविंद्र सिंह रिंदा
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रिंदा का क्राइम रेकार्ड पुलिस ने तैयार किया तो उसमें रिंदा पर 2014 में पटियाला सेंट्रल जेल के अधिकारियों पर हमला,अप्रैल 2016 में चंडीगढ़ में पंजाब यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष पर गोलियां और अप्रैल 2017 में रिंदा पर होशियारपुर सरपंच की हत्या का भी आरोप लगा था। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक रिंदा पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ में पढ़ने भी आया था।
इस दौरान छात्र राजनीति में काफी सक्रिय हुआ और उसका एक मजबूत आधार स्टूडेंट्स के बीच बन गया था। चंडीगढ़ में एसएचओ व एसओआई के अध्यक्ष पर फायरिंग की घटना के बाद रिंदा फरार रहने लगा था। चंडीगढ़ में मर्डर, रंगदारी और आर्म्स एक्ट के मामलों में हरविंदर सिंह के साथ दिलप्रीत सिंह बाबा और हरजिंदर सिंह भी शामिल रहे हालांकि अप्रैल 2018 में मोहाली में प्रसिद्ध सिंगर परमीश वर्मा पर हुए हमले के बाद दिलप्रीत बाबा और रिंदा के रास्ते अलग हो गए। पंजाब पुलिस ने रिंदा को 2017 में पकड़ने की कोशिश की थी, वह बैंगलूरू के होटल में था लेकिन फरार हो गया।
कई राज्याें की पुलिस को थी तलाश
रिंदा को कई राज्यों की पुलिस खोज रही थी और उसने नकली पासपोर्ट तैयार करवाकर नेपाल का रास्ता अपनाते हुए पाकिस्तान में एंट्री कर ली। रिंदा कब पाकिस्तान पहुंच गया, किसी को खबर तक नहीं लगी। लेकिन केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के मुताबिक रिंदा ने 2020 में पाकिस्तान में एंट्री की थी। पाक पहुंचने से पहले रिंदा पंजाब, हरियाणा, राजस्थान व यूपी में रिंदा एक बड़ा नेटवर्क तैयार कर चुका था।
रिंदा का नाम अचानक चार साल बाद फिर नजर आया, जब जगजीत सिंह को जून 2021 में 48 पिस्टल, 200 कारतूस के साथ पंजाब पुलिस ने गिरफ्तार किया था। पिछले साल 7 नवंबर को नवांशहर में क्राइम इन्वेस्टिगेटिंग एजेंसी बिल्डिंग में हैंड-ग्रेनेड से हमला हुआ था, इसका आरोप भी रिंदा पर लगा था। इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस को जानकारी दी कि उन्हें 2-3 लाख रुपये एक आतंकी साजिश को अंजाम देने या हथियारों की सप्लाई के लिए दिए जाते हैं।