पंजाब के जालंधर में आरएसएस के प्रांत प्रमुख रिटायर्ड बिग्रेडियर जगदीश गगनेजा पर गोलियां बरसाने वालों की पहचान हो कई है। आप भी देखिए तस्वीरों में।
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सीसीटीवी फुटेज में देखे गए जगदीश गगनेजा के हमलावर
- फोटो : अमर उजाला
दरअसल, मामले की एसआईटी ने जांच शुरू की तो कई सीसीटीवी फुटेज हाथ लगे। जिसमें दिखाई दिया कि वारदात वाले दिन जब ब्रिगेडियर गगनेजा अपनी कोठी से निकले तो उससे पहले ही हमलावर वहां पर उनकी रेकी कर रहे थे। गगनेजा की कोठी कैंट इलाके में होने से उन पर हमला करना नामुमकिन था, इसलिए हमलावरों ने वहां से करीब 10 किलोमीटर तक गगनेजा की कार का पीछा किया। वे ज्योति चौक तक उनके पीछे आए। रास्ते में भी कई स्थानों की फुटेज पुलिस को मिली हैं।
एसआईटी के सूत्रों के अनुसार हमला पूरी योजना तैयार कर किया गया। ऐसी आशंका है कि हमलावर फगवाड़ा इलाके की ओर से ही आए थे। फगवाड़ा में बीते दिनों काफी माहौल खराब हुआ था। वहां पर शिव सैनिकों और सिख संगठनों में काफी टकराव हुआ था। यह टकराव लगातार तीन चार बार हो चुका है, जब हिंदू संगठन और सिख समुदाय के लोग आमने सामने आ गए। ऐसे इनपुट जांच टीम को मिल गए हैं कि हमलावर फगवाड़ा इलाके की तरफ से आए थे।
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आरएसएस नेता जगदीश गगनेजा पर जालंधर में गोलीबारी
- फोटो : अमर उजाला
गगनेजा पर 32 बोर और 9 एमएम की पिस्तौल से हमला हुआ था। 32 बोर की पिस्तौल से चार फायर किए गए। इसके अलावा एक फायर 9 एमएम की पिस्तौल से भी हुआ था। 32 बोर यूपी और बिहार में आसानी से मिल जाती हैं, वहीं 9 एमएम की पिस्तौल मिलना मुश्किल है। यह ज्यादातर विदेश से मंगवाया जाती हैं। हमलावरों को विदेश से फंडिंग तो नहीं की गई, इसी आशंका को आधार बनाकर एसआईटी ने जांच शुरू कर दी है।
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आरएसएस नेता जगदीश गगनेजा पर जालंधर में गोलीबारी
- फोटो : अमर उजाला
वहीं, गगनेजा के लिए आने वाले 72 घंटे अभी भी खतरनाक है। गगनेजा हीरो डीएमसी अस्पताल में उपचाराधीन है जोकि वेंटीलेटर पर है। डीएमसी के डक्टरों का कहना है कि गगनेजा के शरीर में अभी भी तीन गोलिया है। पूरे शरीर के अंदर 9 जगहों पर जख्मों के निशान है। उनका इलाज स्पेशल डाक्टरों की टीम की तरफ से किया जा रहा है।
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आरएसएस नेता जगदीश गगनेजा पर जालंधर में गोलीबारी
- फोटो : अमर उजाला
डाक्टरों ने कहा कि गोलियों को निकालना कोई चेलेंज नहीं, बल्कि उनका सारा ध्यान उनके इन्फेक्शन को कम करना है। डीएमसी अस्पताल में आरएसएस और राज्य भाजपा के वर्कर डीएमसी अस्पताल में मौजूद है। जोकि गगनेजा के परिवार के साथ हर समय रहते है। इस संबंधी जब आज डीएमसी अस्पताल के डाक्टर जीएस वांडर के साथ बात की गई तो उन्होंने कहा कि गगनेजा के शरीर में तीन ही गोलियां लगी है। जोकि तीन की तीन उनके शरीर में है।
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rss sah sanghchalak
- फोटो : amar ujala
उन्होंने कहा कि गोलियां लगने के कारण जगदीश गगनेजा के शरीर के अंदर 9 जख्मों के निशान है। जिस कारण उनके शरीर में इंफेक्शन फैल रहा है। 8 जख्म उनकी आंतडिय़ों पर है। इसके अलावा एक जख्म उनके सीने पर है। उन्होंने कहा कि जगदीश गगनेजा का इलाज स्पेशल डाक्टरों की निगरानी में हो रहा है। लगातार उनके शरीर के सारे पैरामीटर देखे जा रहे है।
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उन्होंने कहा कि डाक्टर लगातार उनके बीपी को कंट्रोल करने के लिए दवाईयां दे रहे है। साथ ही एंटीबैटिक के जरिए उनके शरीर में इंफेक्शन को कम करने की कोशिशकी जा रही है। इसी के साथ डाक्टरों ने इतना जरूर माना कि ऐसे केस में मरीज के लिए अब से 72 घंटे काफी खतरनाक होते है। क्योंकि ऐसे समय में ही इंफेक्शन से ज्यादा फैलने का डर होता है।
भाजपा के वरिष्ट नेता मनोरंजन कालियां ने कहा कि डीएमसी अस्पताल और पीजीआई चंडीगढ़ के डाक्टरों की टीम के अलावा दिल्ली स्थित एम्स अस्पताल के माहिर डाक्टरों की सलाह भी ली जा रही है। उन्होंने कहा कि डाक्टरों की पहली प्राथमिकता उनके अंदर फैले इंफेक्शन कम करने की है। मनोरंजन कालियां ने जगदीश गगनेजा को पीजीआई चंडीगढ़ और दिल्ली के एमम्स में रेफर करने की चर्चाओं को भी खारिज किया।