चंडीगढ़ के डायमंड शोरूम में 14 करोड़ की फर्जी लूट को जिन तीन 'कलाकारों' ने अंजाम दिया, वे पुलिस हिरासत में हैं। पुलिस जांच में तीनों की पहचान मूल रूप से नासिक में रहने वाले सेक्टर-49 निवासी वैभव वर्मा,जीरकपुर निवासी अंकुर और मलोया की शिवानी के रूप में हुई। तीनों को पता हीं नही था कि असली लूट करनी है। उन्हें कहा गया था कि फिल्म की शूटिंग हो रही है और लूट का रोल करने जाना है।
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चंडीगढ़ के ज्वेलरी शोरूम में लूट के 3 आरोपी गिरफ्तार
- फोटो : amar ujala
जब वह विनोद के साथ उसकी दुकान में पहुंचे तो उसे पता चला कि असल में लूट की वारदात का असल में ड्रामा करना है। इसकी जानकारी तो उन्हें दुकान में जाकर ही लगी। तीनों ने माना कि वह दुकान में पहुंचकर आरोपी की बातों में गए और लूट के ड्रामे की प्लानिंग में उसका साथ दिया। इसी कारण तीनों की गिरफ्तारी की गई।
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चंडीगढ़ के ज्वेलरी शोरूम में लूट के 3 आरोपी गिरफ्तार
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तीनों ने माना कि खुद विनोद ही उन्हें अपनी कार में लेकर आया और छोड़कर भी गया। पुलिस ने तीनों को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया। बताया गया कि तीनों ज्वेलरों और नग देने का काम करते हैं और आपस में अच्छे दोस्त हैं। सूत्रों की मानें तो रजनीश नासिक में है और पुलिस दबाव डालकर उसे भी चंडीगढ़ बुला रही है।
चंडीगढ़ के ज्वेलरी शोरूम में लूट के 3 आरोपी गिरफ्तार
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गौरतलब है कि सेक्टर-17 के फॉरएवर डायमंड्स में बीती एक मई की दोपहर को 14 करोड़ के हीरे लूटने की खबर मिली थी। पुलिस जांच में ये लूट फर्जी निकली। शोरूम मालिक विनोद और रजनीश ही लूट के मास्टरमाइंड निकले। विनोद पुलिस लॉकअप में है, जबकि रजनीश फरार है। जिन तीन लुटेरों ने फर्जी लूट को अंजाम दिया, वे तीनों अब पुलिस गिरफ्त में हैं।