फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नाभा जेल ब्रेक: पकड़े गए चौथे आरोपी का बड़ा खुलासा, पुलिसवाले भी दंग

Mon, 03 Apr 2017 09:17 AM IST
सुरिंदर पाल/अमर उजाला, जालंधर(पंजाब)
विज्ञापन
1 of 9
जालंधर पुलिस कस्टडी ने अमन ढोटिया ने किया खुलासा - फोटो : अमर उजाला
नाभा जेल ब्रेक कांड में पकड़े गए चौथे आरोपी ने बड़ा खुलासा किया है। जेल ब्रेक के दौरान किसी के कदम न डगमगाएं उसके लिए बड़ी प्लैनिंग की गई थी। पढ़िए नाभा जेल ब्रेक की अनकही-अनसुनी कहानी...
विज्ञापन

2 of 9
नाभा जेल पटियाला
गैंगस्टरों ने जेल के भीतर बने गुरुद्वारा साहिब में सौगंध खाकर नाभा जेल ब्रेक कांड को अंजाम दिया था। कसम खाई गई थी कि जेल से भागने के ऑपरेशन के दौरान किसी के कदम न डगमगाएं। यह खुलासा अमन ढोटिया ने जालंधर पुलिस कस्टडी में किया।
विज्ञापन

3 of 9
नाभा जेल पटियाला
अमन ने पुलिस पूछताछ में बताया है कि 27 नवंबर को सुबह रुटीन की तरह कैदियों की बंदी छूटी। सेखों असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट भीम सिंह के दफ्तर गया। दोनों में 15 मिनट बात हुई। इसके बाद भीम ने ऑर्डर दिया कि सेखों और उसके साथियों से कोई मिलने आ रहा है, उन्हें दियोड़ी में आने दिया जाए।

4 of 9
नाभा जेल ब्रेक - फोटो : अमर उजाला
सुबह 8 बजकर 50 मिनट पर गुरप्रीत सेखों, कुलप्रीत नीटा दयोल, विक्की गौंडर, अमन, आतंकी हरमिंदर सिंह मिंटू और कश्मीर सिंह जेल की दियोड़ी में आ गए और इंतजार करने लगे। पूरे नौ बजे पलविंदर पिंदा, प्रेमा लाहौरिया और उसके साथी पुलिस की वर्दी में आए और दियोड़ी का दरवाजा खुलवाया। प्रेमा ने रिवाल्वर जेल के दरवाजे के नीचे से अंदर फेंका तो अमन ने उठा लिया।
विज्ञापन

5 of 9
नाभा जेल ब्रेक - फोटो : अमर उजाला
उसी रिवाल्वर का इस्तेमाल कर ताला तोड़ दिया और सभी लोग एक साथ हो गए। अमन ढोटिया ने बताया कि उसकी जिम्मेदारी संतरी की जेब से चाबी निकालने की थी, लेकिन अमन को चाबी नहीं मिली। फिर उसने रिवाल्वर की मदद से ताला तोड़ दिया। इसके बाद वे पहले पानीपत गए और वहां से वे जयपुर और फिर बीकानेर गए। वह बीकानेर में उनसे अलग हो गया था। 
विज्ञापन

6 of 9
नाभा जेल ब्रेक - फोटो : अमर उजाला
पुलिस एनकाउंटर से शुरू हुई थी गैंगवार की कहानी 
गैंगस्टरों का गैंगवार बठिंडा में 2012 में एक पुलिस एनकाउंटर से शुरू हुआ। यहां पुलिस एनकाउंटर में 24 वर्षीय गुरशियाद सिंह उर्फ शेरा खुबान मारा गया था। किसी समय राष्ट्रीय स्तर का हैमर थ्रोअर रह चुके खुबान का गैंग हाईवे पर कारें लूटने, अपहरण और वसूली जैसे अपराध करता था और नाभा जेल ब्रेकर खुबान गैंग के ही सदस्य थे।
विज्ञापन

7 of 9
नाभा जेल ब्रेक कांड में बड़ा खुलासा - फोटो : अमर उजाला
अमन ढोटिया के मुताबिक  खुबान की मुखबरी कर उसको मरवाने का शक जालंधर के सुक्खा काहलवां पर था। विक्की गौंडर, सेखों और अमन ढोटिया का मकसद सिर्फ काहलवां से बदला लेना था। उनके टारगेट पर सुक्खा के अलावा करामाती, जसविंदर राकी थे। पहला अटैक शॉर्प शूटर जयपाल ने फिरोजपुर में 2013 में एक पशु मेले में करामाती को गोलियों से भूनकर किया।

8 of 9
आतंकियों को भगाने वाला गिरफ्तार - फोटो : self
इसके बाद गैंग ने सुक्खा काहलवां की जालंधर-दिल्ली नेशनल हाईवे पर फगवाड़ा में गोलियों से भूनकर हत्या कर दी। तीसरा जसविंदर राकी बचा था, जिसको गैंग ठिकाने लगाने की साजिश रच रहा था। इस बीच नीटा, सेखों और गौंडर को गिरफ्तार कर लिया गया फिर भी पिछले साल मई में चंडीगढ़-शिमला हाईवे पर जसविंदर सिंह रॉकी के शूटआउट का इंतजाम कर लिया।
विज्ञापन

9 of 9
- फोटो : File Photo
जेल में बंद इन तीनों गैंगस्टरों ने फेसबुक पर इस हत्या की जिम्मेदारी लेते हुए कहा था कि खुबान के खून का बदला अब पूरा हो गया है। तीनों की हत्या कर खुबान गिरोह अब जेल से बाहर निकलने की योजना बना रहा था। अमन के मुताबिक जेल से छह लोगों को फरार होना था। कहीं उनका एक साथी भी साथ न छोड़ दे, इसके लिए सभी ने गुरुद्वारा जाकर सौगंध खाई थी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें