देखिए, साइबर हैकर्स किस तरह से लोगों के पैसों पर हाथ साफ कर रहे हैं वो भी बिना कोई OTP नंबर पूछे।
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Cyber frauds
दरअसल, अपनी शादी के लिए चंडीगढ़ की एक युवती ने मेहनत करके एक लाख 20 हजार रुपये जमा किए, लेकिन उसका बैंक खाता साइबर हैकर्स के निशाने पर आ गया। हैकर्स ने उसके खाते से एक ही दिन में एक लाख 20 हजार रुपये गायब कर दिए। इतना नहीं बैंक खाते से पैसे निकलते रहे, लेकिन खाता धारक को कोई एसएमएस अलर्ट भी नहीं आया।
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साइबर क्राइम
- फोटो : self
अलर्ट नहीं आया, पैसे जमा कराने गई तो पता चला
अंशु की शिकायत के मुताबिक वह 24 नवंबर को चंडीगढ़ के सेक्टर-41 स्थित एसबीआई की ब्रांच में चार हजार रुपये जमा करवाने गई थी। पैसे जमा कराने के बाद जब उसने पासबुक अपडेट करवाई तो पता चला कि एक दिन पहले उसके खाते से एक लाख 20 हजार रुपये गायब हो चुके थे। 40-40 हजार की तीन ट्रांजक्शन ग्वालियर में किसी व्यक्ति के खाते में हुई।
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cyber crime
अंशु बाला मूल रूप से पंजाब के मलोट की रहने वाली है और चंडीगढ़ में एक इवेंट प्लानिंग कंपनी में काम करती है। इसी कंपनी में काम कर उसने अपनी शादी के लिए पैसे जुटाए। चूंकि उसके पिता नहीं हैं तो खुद ही उसे खर्च उठाना है। अंशु के मुताबिक 13 जनवरी को उसकी शादी है।
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साइबर क्राइम
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इस क्राइम के बारे में बैंक को भी शिकायत दी और 27 नवंबर को बैंक लोकपाल को शिकायत दर्ज कराने के अलावा 30 नवंबर को पुलिस को भी लिखित में शिकायत दी। बैंक और लोकपाल को शिकायत किए एक महीने से ज्यादा हो गया, लेकिन अब तक कोई हल नहीं किया। बैंक अधिकारी तो अब फोन भी नहीं उठाते। अब मलोट से बार-बार चंडीगढ़ आना भी संभव नहीं है।
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CYBER CRIME
बैंक को लिखा है पत्र, अभी तक नहीं आई फुटेज
चंडीगढ़ साइबर क्राइम सेल के इंचार्ज इंस्पेक्टर एचएस सेखों के मुताबिक युवती की शिकायत जब जांच के लिए उनकी ब्रांच में आई तो तुरंत एसबीआई को पत्र लिखकर फुटेज मुहैया कराने को कहा गया, लेकिन अब तक उन्हें बैंक ने फुटेज नहीं दी है। दरअसल ग्वालियर की उस ब्रांच की सीसीटीवी फुटेज मांगी गई थी, जहां से एक ट्रांजक्शन हुई है। इसके अलावा एक ट्रांजक्शन में शापिंग भी हुई है।
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cyber crime
साइबर क्राइम से बचने के कुछ टिप्स
1- कोई फोन कर यह कहे कि वे आपके बैंक से बोल रहा है। कोई भी जानकारी मांगे तो ऐसे व्यक्ति को कोई जानकारी न दें। अगर कोई बार-बार कॉल करे तो पुलिस को सूचना दें।
2- डेबिट या क्रेडिट कार्ड का पिन नंबर किसी को भी न बताएं।
3- एटीएम से रुपये निकालते समय पिन नंबर एंटर करते समय हाथ ऊपर रखें, ताकि कोई देख न सकें। कई बार साइबर क्रिमिनल एटीएम में हिडन कैमरे लगा देते हैं जो अकसर आम लोगों को दिखाई नहीं देते।
4- एटीएम में पिन नंबर दबाने से पहले मशीन के बटन चेक कर लें। साइबर क्रिमिनल पिन नंबर पता करने के लिए उस पर टेप लगा देते हैं, जिससे बटन प्रेस करते ही उसकी छाप उस पर आ जाती है और वह आपका पिन आसानी से पता कर लेते हैं।
5- समय-समय पर पासवर्ड बदलते रहें।
6- पब्लिक कंप्यूटर पर किसी भी कार्ड से पेमेंट करने से बचें। आपकी निजी जानकारी लीक हो सकती है।