तीन साल पहले गुड़गांव के बहुचर्चित गीतांजलि हत्याकांड में सीबीआई ने वीरवार को मुख्य आरोपी और मृतका के पति कैथल के सीजेएम रवनीत गर्ग को कैथल से ही गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उन्हें पंचकूला की विशेष सीबीआई कोर्ट में पेश किया, जहां से पांच दिन के रिमांड पर भेजने के आदेश हुए।
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geetanjali murder case
- फोटो : अमर उजाला
सीबीआई ने अदालत को बताया कि वर्ष 2013-14 में आरोपी गर्ग से अवैध कारतूस बरामद हुए थे। इसके बाद उनका पॉलीग्राफ और ब्रेन मैपिंग टेस्ट करवाया गया था। उसकी रिपोर्ट के आधार पर उन्हें गिरफ्तार किया गया है।
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आरोपी से अब हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार बरामद करना है। साथ ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी करनी है। अदालत ने इस आधार पर आरोपी को पांच दिन के रिमांड पर भेज दिया। गौरतलब है कि 17 जुलाई 2013 को गीतांजलि की हत्या की गई थी।
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गीतांजलि के परिजनों ने उसके पति सीजेएम रवनीत गर्ग पर हत्या की आशंका जताई थी। परिजनों की शिकायत पर सीजेएम रवनीत गर्ग और उनकी मां समेत अन्य पर दहेज हत्या का मामला दर्ज किया गया था।
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गीतांजलि के पिता ओमप्रकाश अग्रवाल ने कहा कि वह सीबीआई की कार्रवाई से संतुष्ट हैं। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी गीतांजलि की हत्या रवनीत गर्ग और उनके परिवार ने ही की है। जिस प्रकार से सीबीआई कार्य कर रही है, उससे सच्चाई सामने आ जाएगी।
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टाइमलाइन
- 18 जुलाई, 2013 : गीतांजलि का पोस्टमार्टम हुआ, रिपोर्ट में शव में गोलियों के तीन निशान पाए जाने का खुलासा
डीसीपी वेस्ट ने एसआईटी का गठन किया।
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- 19-20 जुलाई : पुलिस ने रवनीत गर्ग, उनकी मां रचना गर्ग और पिता केके गर्ग के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया
- 20 जुलाई: एसआईटी ने रवनीत गर्ग से चार घंटे तक पूछताछ की
- 21 जुलाई : सीजेएम के घर में एसआईटी का सर्च अभियान, चचेरी बहन हिना, मां रचना गर्ग का बयान दर्ज
सीजेएम का मोबाइल, लैपटॉप, रिवाल्वर का लाइसेंस, बची हुई 19 गोलियां जब्त की गई
गीतांजलि के भाई प्रदीप अग्रवाल ने दहेज उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई।
- 23 जुलाई: प्रदेश सरकार ने गीतांजलि हत्याकांड की जांच सीबीआई को सौंपे जाने की घोषणा की,
एसआईटी ने पुलिस लाइन स्थित घटनास्थल से दो गोलियों के अगले हिस्से बरामद किए
- 24 जुलाई: मामले की जांच सीबीआई से करवाने के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने केंद्र को पत्र लिखा