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'मेरे भाई का खून बह रहा था, वो मर रहा था और दरिंदों को मोबाइल-पैसे चाहिए थे'

Thu, 30 Nov 2017 09:14 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जालंधर(पंजाब)
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अमेरिका में भारतीय युवक की हत्या
मेरा भाई खून से लथपथ था, वह तड़प रहा था, मर रहा था और वे दरिंदों उसका मोबाइल और जेब में पड़े पैसे छीनने में लग गए और वो मर गया।
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अमेरिका में भारतीय युवक की हत्या
पैसा और मोबाइल इतना जरूरी था कि उन्होंने मेरे भाई को मरने दिया। एक बहन की आपबीती सुनकर लोगों की आंखों में आंसू आ गए। घटना पंजाब के जालंधर की है। बहन के इकलौते भाई संदीप सिंह (22) की अमेरिका में लुटेरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। जैसे ही खबर परिवार तक पहुंची, कोहराम मच गया। मां बेहोश हो गई, बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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अमेरिका में भारतीय युवक की हत्या
वहीं पुलिस विभाग के मुलाजिम पिता बलविंदर सिंह बदहवास हैं। बार-बार कहते हैं कि मेरा जिम्मेदार बेटा चला गया। उसकी मां को क्या जवाब दूंगा, बहनों को कैसे संभालूंगा। वे राखी किसे बांधेंगी, वो तो उनकी जिंदगी बेहतर बनाने के ​​लिए गया था। मुझे क्या पता ​था कि वापिस ही नहीं आएगा। कहते हुए पिता बदहवास हो गए। परिवार की हालत ऐसी है कि देखने वालों को रोना आ जाए।

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अमेरिका में भारतीय युवक की हत्या
मिली जानकारी के मुताबिक, 22 साल का संदीप जालंधर थाना रामामंडी के मुंशी बलविंदर सिंह का इकलौता बेटा था। बलविंदर पत्नी गुरजीत कौर और छोटी बेटी शरणजीत कौर के साथ रहते हैं। 12वीं के बाद संदीप टूरिस्ट वीजा पर अमेरिका के जैक्सन शहर में अपने चाचा शरणजीत सिंह उर्फ कम्मा के पास गया था। शरणजीत सिंह के पास अमेरिकी नागरिकता है।
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संदीप ने वहां कड़ी मेहनत की और छह दिनों में ही जनरल स्टोर को संभाल लिया। रविवार रात 11.30 बजे के करीब तीन-चार युवकों ने उस पर हमला कर दिया, तब संदीप गुरदासपुर के अपने दो दोस्तों के साथ रूटलेज एवेन्यू स्थित घर लौट रहा था। युवकों ने उस पर बंदूक तान दी और पैसे, मोबाइल छीनने लगे। संदीप बचाव कर रहा था कि एक युवक ने पेट में गोली मार दी और उसे वहीं तड़पता छोड़कर फरार हो गए।

 
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बताया जा रहा है कि ज्यादा खून बहने से उसकी मौत हो गई। पिता बलविंदर ने बताया कि संदीप को प्यार से शुभ नाम से बुलाते थे। अमेरिका में मिली अपनी पहली सैलरी छोटी बहन शरणजीत को भेज दी थी। सात दिसंबर को शरणजीत को वह डायमंड रिंग गिफ्ट करने वाला था। मेरा बेटा काफी मस्तमौला था, उसमें जिंदगी जीने का जुनून था, पर उन्होंने उसे मौत दे दी।
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