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बेटी को प्यार करने की खौफनाक सजा, जहर दे कमरे में बंद किया, मरने पर निकाला

Tue, 27 Feb 2018 05:12 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत(हरियाणा)
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हरियाणा में ऑनर किलिंग
युवती को प्यार करने की सजा अपनी जान देकर गंवानी पड़ी और उसके साथ बाप ने इतनी क्रूरता की, देखकर सभी की रूह तक हिल गई थी। मामला हरियाणा के सोनीपत का है। बाप ने बेटी को जहर देकर कमरे में बंद कर दिया। वो जिंदगी की भीख मांगती रही, लेकिन मां-बाप का दिल नहीं पसीजा। आखिरकार उसने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया, फिर उसे कमरे से निकाला गया। इस क्रूर मर्डर केस में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुनीता ग्रोवर की अदालत ने सोमवार को दोषी मां-बाप और मामा को उम्रकैद की सजा सुनाई है।

अदालत ने दोषियों पर 15-15 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। अदालत का फैसला वारदात के करीब 20 माह बाद आया है।  जिले के किलोहड़द गांव के चौकीदार ने 12 जुलाई 2016 को सदर थाना पुलिस को बताया था कि गांव की युवती, जो डीएड की छात्रा थी, उसका डबरपुर के एक युवक से प्रेम प्रसंग था। युवती के परिजनों को जब इसका पता चला तो उन्होंने लड़की से झगड़ा किया। चौकीदार ने बताया था कि उसे जानकारी मिली है कि आठ जुलाई 2016 को युवती की मां सुनीता, पिता मनोज और मामा जितेंद्र ने जहर देकर लड़की की हत्या कर दी।

इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया था। आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया तो उन्होंने अपना जुर्म कबूल किया था। पूछताछ में युवती के मामा जितेंद्र ने पुलिस को बताया था कि उन्होंने लड़की को जहर देकर कमरे में बंद कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई थी। इसके बाद शव का अंतिम संस्कार कर दिया था। युवती की हत्या कर शव को जलाए जाने की जानकारी मिलने पर पुलिस ने श्मशान घाट से एफएसएल की टीम को बुलाकर सबूत जुटाए थे। एएसजे सुनीता ग्रोवर की अदालत ने मामले में सुनवाई के बाद बुधवार को तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया था।

सोमवार को अदालत ने तीनों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। तीनों को भादसं की धारा 302 में उम्रकैद व 10 हजार रुपये व भादसं की धारा 201 में सात-सात वर्ष कैद व 5-5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
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बेरहमी से मारी गई थी बेटी, जहर देकर कमरे में बंद किया था

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हरियाणा में ऑनर किलिंग
किलोहड़द गांव में जिस युवती की हत्या करने पर मां-बाप व मामा को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है, उसे बड़ी बेरहमी से मारा गया था। जिस तरह के बयान पुलिस के सामने युवती के मामा जितेंद्र ने दिए थे, उससे यही साबित होता है। क्योंकि युवती को जहर खिलाकर कमरे में बंद कर दिया था। जहां युवती अपनी जिंदगी के लिए तड़पती रही और वह अपने मां-बाप से जिंदगी की भीख मांगती रही। लेकिन इज्जत की खातिर बेटी को जहर देने वाले मां-बाप व मामा का दिल नहीं पसीजा। जिससे युवती ने तड़प तड़पकर दम तोड़ दिया और उसके मरने के बाद ही कमरे से बाहर निकाला गया।

बेटी की हत्या करने वाले मां सुनीता, पिता मनोज और मामा जितेंद्र ने पूरी तरह से निर्दयता दिखाई थी और बेटी को बेरहमी से मारकर खुद बचने की पूरी योजना भी बनाई हुई थी। इसके लिए ही उन्होंने बेटी के शव को बिना किसी को सूचना दिए अंतिम संस्कार कर दिया था। मां-बाप व मामा ने वह कपड़ा तक धो दिया था, जिससे कमरा गंदा होने पर साफ किया गया था। उसे भी पुलिस ने बाद में बरामद कर लिया था। अगर चौकीदार से पुलिस को जानकारी नहीं मिलती तो शायद ही बेटी की हत्या का राज खुल पाता।

सजा सुनाते ही रोने लगे दोषियों के परिवार के लोग व रिश्तेदार
गांव किलोहडद में हुई ऑनर किलिंग के मामले में एएसजे सुनीता ग्रोवर की अदालत ने सुनवाई के बाद मां-बाप व मामा को उम्रकैद की सजा दी तो परिजन फफक कर रो पड़े। कोर्ट के बाहर एकत्रित हुए परिवार के सदस्यों व रिश्तेदारों को एक-दूसरे ने ढांढस बंधाया। बेटी की हत्या के बाद परिवार हादसे में बेटे को खो चुका है। अब घर पर अकेली बेटी ही रह गई है।

 
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सड़क हादसे में जा चुकी है बेटे की जान

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मनोज व सुनीता के बेटे अजय ही एक सड़क हादसे में मौत हो चुकी है। अजय की करीब छह माह पहले किलोहड़द में साथी के साथ साइकिल पर जाते समय मौत हो गई थी। उनकी साइकिल को कार ने टक्कर मार दी थी।

किलोहड़द गांव में बेटी की हत्या करने वाले मां-बाप व मामा को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। इस तरह बेटी की हत्या करने वालों को सजा जरूरी है, जिससे इस तरह की घटनाओं पर रोक लगा सके। कोर्ट ने केस की स्थिति को देखते हुए सजा सुनाई है।
- पवन अत्री, सरकारी वकील

यह कहा जज ने
केस के तथ्य ऐसे नहीं हैं कि दोषियों को मृत्युदंड दिया जाए, लेकिन इन्होंने अपनी मासूम बेटी का कत्ल किया है इसलिए इनके साथ यदि कोई रियायत बरती गई तो समाज में गलत संदेश जाएगा। दोषियों के चरित्र और केस को ध्यान में रखते हुए इन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई जाती है।
- एएसजे सुनीता ग्रोवर
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