नकली सिक्के बनाने का मास्टर माइंड हाई प्रोफाइल लोगों के साथ-साथ राजनेताओं से भी ताल्लुकात रखता रहा है। फेसबुक ने खोले कई राज।
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नकली सिक्के बनाने वाली फैक्ट्री पकड़ी
- फोटो : अमर उजाला
नरेश की फेसबुक फ्रेंड लिस्ट भी यहीं बयां कर रही है। फेसबुक प्रोफाइल उसके घूमने के शौकीन होने के साथ-साथ करेंसी में खासी दिलचस्पी होने की ओर भी इशारा कर रही हैं। खासकर वह 786 नंबर के नोट एकत्रित करने का शौक रखता था। एक रुपये के नोट के बदले सात-सात लाख रुपये मिलने के लिंक भी फेसबुक पर नरेश ने अन्य लोगों से शेयर किए हुए हैं।
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नकली सिक्के बनाने वाली फैक्ट्री पकड़ी
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सूत्र बताते है कि कुछ साल पहले नरेश ने झज्जर घाटी के पास कार डेकोरेशन शॉप खोली थी। इसके बादकामकाज ने तेजी पकड़ी तो कारोबार को और विस्तार दे दिया। मकान को भी आलिशान ढंग से तैयार करवा लिया। इसी दौरान कार डेकोरेशन के कामकाज में प्रतिस्पर्धा बढ़ी तो इसका असर नरेश के व्यवसाय पर भी पड़ा। धंधा मंदा हुआ तो बताया जा रहा है कि उसने मकान व दुकान बेच दिया और दिल्ली चला गया और वहां नकली सिक्के बनाने का गोरखधंधा शुरू कर दिया।
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नकली सिक्के बनाने वाली फैक्ट्री पकड़ी
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नरेश के दिल्ली पुलिस द्वारा नकली सिक्के बनाने के आरोप में पकड़े जाने की चर्चा कस्बे में दिन भर रही। फिलहाल दादरी शहर पुलिस को दिल्ली पुलिस ने इस मामले में कोई जानकारी नहीं दी है। सिटी थाना प्रभारी भूदेव सिंह का कहना है कि उन्हें भी मीडिया के माध्यम से पता चला है कि नकली सिक्के बनाने के अवैध कारोबार में संलिप्त नरेश दादरी निवासी है। इसके अलावा आरोपी से जुड़ी उनके पास कोई सूचना नहीं है।
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नकली सिक्के बनाने वाली फैक्ट्री पकड़ी
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पुलिस लगी थी खबर: सूत्रों के हवाले से पुलिस को नरेश के इस कारोबार की सूचना कुछ समय पहले मिली थी। पुलिस जब उसके घर व दुकान पर गई तो वहां कुछ हाथ नहीं लगा। पुलिस टीम ने जब उसके बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास किया तो पता चला कि वह राजस्थान के उदयपुर में है। उसकी लोकेशन ट्रेस आउट करने के लिए पुलिस की एक टीम काम ही कर रही थी कि इसी दौरान नरेश दिल्ली पुलिस के हाथ लग गया।
नकली सिक्के बनाने वाली फैक्ट्री पकड़ी
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गौरतलब है कि दिल्ली के बवाना इंडस्ट्रियल एरिया में पुलिस ने एक नकली सिक्के बनाने की फैक्ट्री पकड़ी है। जहां मशीनों से 5 व 10 रुपए के नकली सिक्के बनाए जाते थे। नकली सिक्के बनाने वाली गैंग का नेटवर्क कई राज्यों में फैला हुआ है। एक सप्लायर पुलिस के हाथ आया तो इस गोरखधंधे का भंडाफोड़ हुआ। फैक्ट्री चलाने वाले मुख्य आरोपी सोनू और राजू अभी फरार हैं। गिरोह के सदस्य ऐसे लोगों के जरिए बाजार में सिक्के पहुंचाते थे जो जल्दी पैसे वाला बनना चाहते हों।