2000 के नकली नोट छापने वाले बीटेक भाई-बहन को लेकर ऐसा चौंकाने वाला सच सामने आया कि पुलिस भी हैरान रह गई जानकर।
विज्ञापन
2 of 11
मोहाली में नकली नोट बनाने वाला गिरोह पकड़ा
मोहाली में 42 लाख की जाली करेंसी समेत पकड़ा गया आरोपी बहुत शातिर है। सरकार मैसूर की जिस पेपर मिल के कागज से 2000 का नोट छपवा रही है, अभिनव वर्मा ने उसी पेपर मिल में सेंध लगाकर नकली नोट के लिए वहां से कागज हासिल कर लिया।
विज्ञापन
3 of 11
नकली नोट छापने वाले भाई-बहन
जी हां, यह सच है। साथ ही जाली नोट से काला कारोबार भी करने लगा। यह बात उस समय सामने आई, जब शनिवार को आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। इस दौरान पुलिस ने आरोपियों का रिमांड लेने के लिए अपनी दलीलें दीं।
4 of 11
नकली नोट छापने वाले भाई-बहन
पुलिस का दावा है कि आरोपी कागज मिल के किसी अधिकारी या मुलाजिम के संपर्क में था। इसके अलावा पुलिस को शक है कि अभिनव का आईएसआई से भी लिंक हो सकता है। पुलिस इस एंगल पर भी जांच कर रही है।
विज्ञापन
5 of 11
मोहाली के जाली नोट के कारोबारी
अदालत में पुलिस ने कहा कि नोट छापने के लिए सरकार चार जगह से कागज मंगवाती है। इसमें मैसूर, कोलकाता, नासिक व देवास (मध्य प्रदेश) शामिल है। अब तक जांच में सामने आया है कि आरोपी मैसूर कागज मिल के संपर्क में था। ऐसे में मिल में किस स्तर पर सांठगांठ थी, इस बारे में पता लगाया जाएगा।
विज्ञापन
6 of 11
मोहाली के जाली नोट के कारोबारी
वहीं, बचाव पक्ष की दलील थी कि अभिनव को 28 नवंबर को पकड़ा गया। जबकि एक दिन गैर कानूनी तरीके से पुलिस ने कस्टडी में रखा। फिर 29 को अदालत में पेश किया। वहीं, अब तक इस मामले में पुलिस की जांच शून्य है।
विज्ञापन
7 of 11
42 लाख की जाली करेंसी समेत तीन गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
पांच दिन के रिमांड के बाद भी पुलिस के हाथ कुछ नहीं लगा है। ऐसे में रिमांड की कोई जरूरत नहीं है। जबकि अदालत ने आरोपियों को पांच दिसंबर तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया।
8 of 11
नकली नोट छापने वाले भाई-बहन
- फोटो : अमर उजाला
जिक्रयोग है कि पुलिस ने 29 नवंबर को तीनों आरोपियों अभिनव वर्मा, उसकी कजिन विशाखा व सूरज नागपाल को जगतपुरा से पकड़ा था। वह हरियाणा नंबर वाली लाल बत्ती लगी ऑडी कार में जाली करेंसी लेकर जा रहे थे।
9 of 11
मोहाली में नकली नोट बनाने वाला गिरोह पकड़ा
पुलिस ने आरोपियों को काबू करते समय बताया था कि उनके पास से 42 लाख की जाली करेंसी मिली है। सारे दो-दो हजार के नोट थे। वहीं, नोटबंदी के बाद की यह पुलिस की सबसे बड़ी जाली करेंसी की रिकवरी थी।
10 of 11
मोहाली के जाली नोट के कारोबारी
पुलिस ईमेल की करेगी जांच
अदालत में पुलिस ने कहा कि आरोपी का कारोबार कई देशों तक फैला है। वह अपना कारोबार आनलाइन चलाता था। ऐसे में वह किन लोगों के संपर्क में है। इसकी पूरी डिटेल पुलिस खंगालेगी। इसके लिए पंजाब पुलिस का साइबर सेल जांच करेगा। ऐसे में उन्हें आरोपी की ईमेल आईडी, उसके पासवर्ड व अन्य दस्तावेज उपलब्ध करवाए जाए। हालांकि बचाव पक्ष ने कहा कि वह अपनी तरफ से जानकारी देने में पूरा सहयोग करेंगे।
ठगी का शिकार तीन लोग आए सामने
पुलिस ने बताया कि उक्त मामला सामने आने के बाद ठगी का शिकार हुए लोग भी अब सामने आने लगे हैं। अब तक तीन लोग सामने आए हैं। उन्होंने पुलिस को इस संबंधी शिकायत भी दी है। इनमें गुरमेल सिंह व हरनेक सिंह निवासी मुल्लांपुर दोनों भाई हैं। जबकि तीसरा व्यक्ति सोहनप्रीत है। दोनों से दस-दस लाख ठगे थे। जबकि सोहनप्रीत से तीन लाख ठगे थे।