घर में इकलौते बेटे की शादी की तैयारी चल रही थी। लेकिन एक खबर ने पूरी खुशियों में पानी फेर दिया। शादी से पहले ही बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इसके बाद विधवा मां पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा। मामला पंजाब के बरनाला का है। वीरवार को देर रात बाइक सवार नकाबपोश दो लुटेरे शराब ठेकेदार हिमांशु दानिया (27) की हत्या कर पांच लाख रुपये लूटकर फरार हो गए।
सिटी थाना प्रभारी गुरवीर सिंह ने बताया कि ठेकेदार के बुआ के लड़के संजीव सूद के बयान पर अज्ञात बदमाशों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है। बदमाशों का पता लगाने के लिए कंट्रोल रूम के जरिये सभी नाकों पर सूचना भेजी गई है। उन्होंने दावा किया कि हत्यारों को जल्द ही काबू कर लिया जाएगा। बस स्टैंड के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जाएंगे।
जानकारी के मुताबिक वारदात वीरवार रात 10 बजकर 40 मिनट पर शहर के मुख्य बस स्टैंड के सामने हुई। उस वक्त ठेकेदार हिमांशु दानिया ठेकों से करीब पांच लाख की पेमेंट इकट्ठी कर अपनी बुआ के लड़के संजीव सूद के साथ बाइक पर ठेका दफ्तर जा रहा था। जो कि वारदात स्थल से मात्र 100 गज की दूरी पर है। मृतक के बुआ के लड़के संजीव सूद ने पुलिस को बताया है कि हमलावरों की उम्र करीब 35-37 साल है। जो कि बस स्टैंड के सामने स्थित शनि मंदिर की गली के किनारे पर ट्रैप लगाकर स्टार्ट बाइक पर खड़े थे।
एक साल पहले 6 जुलाई को पिता की हुई थी मौत
हिमांशु दानिया के पिता स्वतंत्र दानिया जो कि शिक्षा विभाग में डिप्टी डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन अफसर थे। उनकी एक साल पहले 6 जुलाई को बरनाला-संगरूर नेशनल हाईवे पर सड़क हादसे में मौत हो गई थी। हिमांशु मां का इकलौता बेटा था और उसकी शादी की तैयारियां चल रही थीं।
ढाई माह पहले की इस व्यवसाय में रखा था कदम
हिमांशु दानिया बीटेक इंजीनियर था। उसे क्रिकेट का भी शौक था। सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग और अनिल कुंबले उसके पसंदीदा खिलाड़ी थे। इससे पहले वह गुरूग्राम की एक मल्टी नेशनल कंपनी में जॉब भी करता था। उसने ढाई महीना पहले ही शराब की ठेकेदारी में कदम रखा था।
ठेकेदारों में चिंता
जिले के शराब ठेका कारोबारियों ने पंजाब में ठेकेदारों के साथ हो रही वारदात के खिलाफ चिंता जताई है। ठेकेदार चेयरमैन तेजा सिंह, दविंदर सरपंच, सचिन सूद, कुनाल रिखी, विक्की ढोली, दीपी शैहना ने कहा है कि राज्य में ठेकेदारों की बदौलत सरकार के रेवेन्यू में हर साल इजाफा होता है, लेकिन ठेकेदारों की सुरक्षा के लिए सरकारों ने कोई प्रबंध नहीं किए।