ग्रेजुएशन की फर्जी डिग्री मामले में टीम इंडिया की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने जुबान खोली है। पहले तो वे सवालों से बचती रहीं, फिर दो टूक जवाब देकर चली गईं। इसके अलावा हरमनप्रीत ने किसी और सवाल का जवाब नहीं दिया।
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Harmanpreet Kaur
भारतीय महिला क्रिकेट टीम-20 की कप्तान और पंजाब पुलिस की डीएसपी हरमनप्रीत कौर मंगलवार को एक प्राइवेट कंपनी के प्रोग्राम में शामिल होने शहर पहुंची थी। उनके शहर पहुंचते ही, मीडियाकर्मी भी प्रोग्राम स्थल पर पहुंच गए, पर वह काफी समय तक मीडिया से बचती रहीं। वह वैनिटी वैन में करीब दो घंटे तक बैठी रहीं। इसके बाद एक बजे जब वह बस से उतरीं तो बचती रही। आखिर में मीडिया कर्मियों ने उनसे डिग्री को लेकर सवाल पूछ ही लिया, जिसके जवाब में उन्होंने कहा कि यह केस सरकार के पास है। मैं पॉजीटिव रिस्पांस की उम्मीद रखती हूं।
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Harmanpreet Kaur
बता दें कि मोहाली स्थित नाइपर में एक प्राइवेट कंपनी द्वारा प्रोग्राम रखा गया था। इस प्रोग्राम में हरमनप्रीत कौर को बतौर मुख्यातिथि शामिल होने का न्योता दिया गया था। प्रोग्राम ठीक सुबह 11:30 बजे शुरू होना था। हरमनप्रीत कौर भी तय समय से पहुंच गई थीं। हालांकि उन्हें पता था कि डिग्री मामले में मीडिया वाले उनसे सवाल जवाब करेंगे। इसलिए वह काफी देर तक वैनिटी वैन में बैठी रही और जब बाहर निकली तो मीडिया वालों ने घेर लिया। मीडिया वाले भी तो उनके इंतजार में वहीं डटे खड़े रहे।
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हरमनप्रीत कौर
बता दें कि पंजाब पुलिस में खेल कोटे से डीएसपी बनी हरमनप्रीत कौर, चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी (सीसीएसयू) के नाम की फर्जी डिग्री लगाकर फंस गई हैं। मामले में पंजाब पुलिस ने यूनिवर्सिटी के विजिलेंस विभाग से गोपनीय जांच कराई थी। विजिलेंस विभाग ने मार्कशीट का कोई रिकॉर्ड नहीं होने की बात कही थी। पिता हरमिंदर सिंह ने जांच को गलत ठहराया है। उनका कहना है कि उनकी बेटी की डिग्री सही है। हरमनप्रीत ने इसी डिग्री के आधार पर रेलवे में नौकरी की तो अब यह डिग्री फर्जी कैसे हो सकती है। अब वे खुद मेरठ जाकर सच पता लगाएंगे।
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हरमनप्रीत कौर
हरमनप्रीत की डिग्री रेगुलर थी या फिर पत्राचार से की गई, पिता ने इसका कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। अर्जुन आवार्डी हरमनप्रीत कौर को गत 1 मार्च को ही पंजाब पुलिस में बतौर डीएसपी ज्वॉइन कराया गया था। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और डीजीपी सुरेश अरोड़ा ने स्वयं उन्हें पद सौंपा। पंजाब सरकार की ओर से डीएसपी का ऑफर मिलते ही हरमनप्रीत ने वेस्टर्न रेलवे की नौकरी छोड़ दी थी। हरमिंदर सिंह कहते हैं कि बेटी ने 12वीं की पढ़ाई मोगा से की। उसके बाद हरमनप्रीत का चयन भारतीय महिला क्रिकेट में हो गया।
इस बीच उसने बीए की डिग्री मेरठ की चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी से ली। उन्होंने बेटी से फोन पर बात की तो उसने भी डिग्री जाली होने से इनकार किया। वहीं हरमनप्रीत कौर की मां सतविंदर कौर खुलकर नहीं बोलीं। हरमनप्रीत कौर की एक बहन कॉलेज में शिक्षिका हैं। हरमनप्रीत कौर पंजाब पुलिस ज्वॉइन करने से पहले मुंबई रेलवे में सीनियर सहायक सुपरिंटेंडेंट थीं। रेलवे ने हरमनप्रीत पर पांच साल का करार तोड़ने पर 27 लाख रुपये पेनाल्टी भी लगाई थी, लेकिन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने रेलमंत्री पीयूष गोयल से बातचीत की, उसके बाद जुर्माना हटा लिया गया था।