सिखों को छोड़कर अब हर उस महिला के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य हो जाएगा, जो दोपहिया वाहन चलाती है या फिर उस पर पीछे बैठकर सफर करती है क्योंकि पंजाब के राज्यपाल और यूटी के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने इसकी अंतिम मंजूरी दे दी है। यूटी प्रशासन अब अधिसूचना जारी करने की तैयारी कर रहा है। वीरवार या शुक्रवार तक अधिसचूना जारी हो जाएगी।
अधिसचूना जारी होने के बाद जो महिलाएं (सिखों को छोड़कर) हेलमेट नहीं पहनेंगी, उनके ट्रैफिक पुलिस चालान काटेगी।
प्रशासक की ओर से दी गई मंजूरी में कहा गया है कि सिर्फ पगड़ी (पटका) पहनने वाले सिखों को ही हेलमेट न पहनने से छूट होगी। प्रशासन ने इस पर दो माह पहले ड्राफ्ट अधिसूचना तैयार कर लोगों की आपत्तियां भी मांगी थीं। प्रशासन के अनुसार हेलमेट जरूरी होने से महिलाओं के साथ होने वाले सड़क हादसों में भी कमी आएगी।
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सांकेतिक तस्वीर
15 लोगों ने करवाई थी आपत्तियां दर्ज
प्रशासन को इस नोटिफिकेशन पर करीब 15 आपत्तियां मिली थीं। चंडीगढ़ के शिरोमणि अकाली दल सहित कई अन्य दलों ने सभी सिख महिलाओं को हेल्मेट पहनने से छूट देने की मांग की थी। इसके अलावा अधिकतर लोगों और एसोसिएशनों ने नोटिफिकेशन का समर्थन किया है। मालूम हो कि पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने बिना हेलमेट पहने महिलाओं की दुर्घटना में हुई मौतों पर खुद संज्ञान लेते हुए चंडीगढ़ प्रशासन को नोटिस जारी किया था।
हाईकोर्ट ने कहा था कि मौत लिंग नहीं देखती, महिलाओं को हेलमेट से छूट क्यों दी गई है। जिसके तहत प्रशासन ने ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी कर लोगों की राय जानी है। हाईकोर्ट ने यह सवाल भी उठाया था कि चंडीगढ़ प्रशासन सभी महिलाओं के हेलमेट से छूट कैसे दे सकता है, क्या पुरुषों और महिलाओं के सिर में कोई फर्क है। 2013 में 18, 2014 में 26, 2015 में 18, 2016 में 22 तथा 2017 में 18 महिलाओं की मौतें दुर्घटनाओं में हुई है। प्रशासन के एक सीनियर अधिकारी के अनुसार प्रशासक ने इस पर अपनी मंजूरी दे दी है। दो तीन दिन में प्रशासन इसकी अधिसूचना जारी कर देगा।
साल 2000 में भी किया था आदेश
साल 2000 में भी पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने दो-पहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने का आदेश दिया था। उसके पश्चात चंडीगढ़ पुलिस ने बिना हेलमेट के दो-पहिया वाहन चलाने वालों का चालान शुरू कर दिया था। तब चंडीगढ़ प्रशासन ने ही महिलाओं के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य कर दिया था। लेकिन, सिख संगठनों ने इसका विरोध शुरू किया और कहा कि यह सिख मर्यादा के विरुद्ध है।
इसी बीच लोकसभा के चुनाव आ गए। वोटों की राजनीति को देखते हुए तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने चंडीगढ़ की एक चुनावी रैली में आश्वासन दिया कि किसी भी धर्म के लोगों की भावनाएं आहत नहीं होने दी जाएंगी। उनका इरादा सिख पुरुषों और महिलाओं को हेलमेट पहनने की ओर था। इसके बाद चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला पुलिस सुस्त पड़ गई थी।