एक फैसला और दो बहनें अकूत संपत्ति की मालकिन बन गई। दोनों के हिस्से में 10-10 हजार करोड़ आया। केस की हिस्ट्री पढ़ेंगे तो यकीं नहीं होगा कि ऐसा भी हो सकता है।
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फरीदकोट के राजा की संपत्ति का केस
केस, पंजाब में फरीदकोट के राजा हरिंदर सिंह बराड़ की 20 हजार करोड़ रुपये की प्रापर्टी का था। इस प्रॉपर्टी पर अब दोनों राजकुमारियों अमृत कौर और दीपेंदर कौर का बराबर का मालिकाना हक रहेगा। अरबों की इस संपत्ति पर मालिकाना हक को लेकर राजकुमारी दीपेंदर कौर, महरावल खेवाजी ट्रस्ट और राजा के छोटे भाई मंजीत इंदर सिंह के बेटे भरतइंदर सिंह बराड़ ने अपील दायर की थी।
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फरीदकोट के राजा की संपत्ति का केस
एडीजे डॉ. अजीत अत्री की अदालत ने सुनवाई के बाद इस अपील को खारिज कर दिया। साथ ही निचली अदालत द्वारा राजा हरिंदर सिंह बराड़ की 1982 में बनाई गई वसीयत और ट्रस्ट को अवैध ठहराने के आदेश को यथावत रखा है। वहीं, राजकुमारी अमृत कौर ने भी निचली अदालत के आदेश पर उनसे जुड़े कुछ मसलों पर ऊपरी अदालत में क्रास अपील दायर की थी।
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फरीदकोट के राजा की संपत्ति का केस
याचिकाकर्ताओं ने 22 जुलाई, 2013 को तत्कालीन सीजेएम कोर्ट द्वारा जारी आदेश के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील दायर की थी। निचली अदालत ने अपने आदेश में राजा हरिंदर सिंह बराड़ की 1982 में बनाई गई वसीयत को अवैध ठहराते हुए राजा की बेटियों राजकुमारी अमृत कौर और राजकुमारी दीपिंदर कौर को संपत्ति पर बराबर का मालिकाना हक दिया था। साथ ही ट्रस्ट को अवैध करार दिया था। इस ट्रस्ट का चेयरमैन दीपेंदर कौर थी।
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फरीदकोट के राजा की संपत्ति का केस
सीजेएम कोर्ट के इस आदेश के खिलाफ राजकुमारी दीपेंदर कौर, राजा के भतीजे भरत इंदर सिंह बराड़ और महरावल खेवाजी ट्रस्ट की ओर से एडीजे कोर्ट में अपील दायर की गई थी। इसमें भरत इंदर सिंह बराड़ की ओर से कहा गया था गया कि, राजघराने के घर का बड़ा पुरुष सदस्य होने के नाते वह संपत्ति के हकदार हैं। ऐसे में राजघराने की संपत्ति को केवल उनकी बेटियों में नहीं बांटा जा सकता।
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फरीदकोट के राजा की संपत्ति का केस
वहीं राजकुमारी दीपेंदर कौर की ओर से दायर याचिका में कहा गया था कि, उनके पिता की वसीयत में उनकी सारी संपत्ति को महरावल खेवाजी ट्रस्ट को सौंप दिया था। साथ ही इस ट्रस्ट का चेयरपर्सन उन्हें बनाया गया था। इस आधार पर राजघराने की संपत्ति पर वसीयत के आधार पर राजकुमारी अमृत कौर का कोई हक नहीं बनता। बता दें कि राजा हरिंदर सिंह बराड़ का 1989 में देहांत हो गया था।
यह है संपत्ति
महाराज हरिंदर सिंह बराड़ की संपत्ति में 300 एकड़ जमीन, फरीदकोट में एक हवाई अड्डा, तीन प्लेन, दो किले, फरीदकोट में राजमहल परिसर, नई दिल्ली के कॉपरनिक्स रोड पर फरीदकोट हाउस, चंडीगढ़ के मनीमाजरा में किला, सोना, डायमंड और देश के अलग-अलग शहरों में दो दर्जन के करीब बिल्डिंग्स और म्यूजियम शामिल हैं। वहीं शिमला में भी उनकी करोड़ों की लागत के विला हैं। वहीं रॉयल फैमिली के पास कई विंटेज कारें जिनमें रॉल्स रॉयस, बैंटले के अलावा कई महंगी और विंटेज कारें हैं।