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रोहतकः नेपाली युवती के सातों दुष्कर्मियों को फांसी की सजा

Tue, 22 Dec 2015 01:07 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक (हरियाणा)
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रोहतक रेपकांड की शिकार निर्भया को कोर्ट से इंसाफ मिल गया। रोहतक कोर्ट ने सामूहिक दुष्कर्म व हत्या के सभी 7 दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है। देखिए, पूरा मामला।
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रोहतकः नेपाली युवती के सातों दुष्कर्मियों को फांसी की सजा

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गौरतलब है कि रोहतक रेपकांड के सातों आरोपियों को रोहतक कोर्ट ने 18 दिसंबर को दोषी करार दिया गया था। पीड़ित पक्ष के वकील ने रेयरेस्ट ऑफ रेयर केस मानकर फांसी की मांग की थी, जबकि दोषियों के वकील का पक्ष था कि इन्हें अलग अलग धाराओं में सजा दी जाए। गौरतलब है कि सभी सातों दोषी एक ही गांव गद्दी खेड़ी के रहने वाले हैं।
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रोहतक कोर्ट ने साढ़े 10 माह में ही केस में सुनवाई पूरी कर दी। 15 अक्तूबर से गवाही का दौर शुरू हुआ था। अक्तूबर माह में गवाही के लिए 9 दिन निर्धारित किए गए थे। इस दौरान कुल 57 लोगों की गवाही हुई। आरोपी पक्ष की ओर से भी तीन गवाह पेश किए गए था। दोषियों को बिना नकाब के देखिए तस्वीरों में।

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गौरतलब है कि रोहतक से 01 फरवरी 2015 को लापता नेपाली युवती का नग्न अवस्था में शव चार फरवरी को बहुअकबरपुर गांव के खेतों में मिला था। पोस्टमार्टम के दौरान खुलासा हुआ कि युवती से सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी। इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन भी किया गया था। बाद में पुलिस ने आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था जबकि एक आरोपी ने दिल्ली में आत्महत्या कर ली थी।
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रोहतकः नेपाली युवती के सातों दुष्कर्मियों को फांसी की सजा

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पूछताछ में सामने आया था कि गैंग रेप, कुकर्म और बेरहमी से हत्या के बाद भी दरिंदगी के आरोपियों का मन नहीं भरा। निर्भया की सांस बंद होने तक उसके पास रहे आरोपी राजेश उर्फ घुचडू ने युवती के कानों से बाली और नाक की नथनी तक उतार ली।
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रोहतक कोर्ट में 9 सितंबर 2015 को सभी आरोपियों पर चार्ज फ्रेम किए गए थे। 15 अक्तूबर से गवाही का दौर शुरू हुआ था। अक्तूबर माह में गवाही के लिए 9 दिन निर्धारित किए गए थे। इस दौरान कुल 57 लोगों की गवाही हुई जबकि आरोपी पक्ष की ओर से भी तीन गवाह पेश किए गए। न्यायाधीश सीमा सिंघल की कोर्ट ने सभी सातों आरोपियों को दोषी करार दे दिया। अब 21 दिसंबर को सजा पर बहस होगी। इसके बाद कोर्ट फैसला सुनाएगी।
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आरोपियों ने उसके साथ गद्दी खेड़ी गांव के खेतों में बने दो अलग-अलग कमरों में गैंगरेप किया। एक कमरे में कई घंटे नोचने के बाद एक बार तो आरोपियों ने उसे हाथ पकड़कर शहर की तरफ रवाना कर दिया था।

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रोहतक गैंगरेप के आठों आरोपियों ने पहली बार कबूला कि वारदात को उन्होंने कैसे अंजाम दिया? पुलिस पहली बार उन्हें बिना नकाब के सामने लेकर आई।

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आरोपियों ने नेपाली मूल की मंदबुद्धि युवती के साथ हैवानियत हाईवे किनारे बने दो मंजिला कमरे में ही शुरू कर दी थी। आरोपियों ने सीन ऑफ क्राइम पर पहुंच कर खुलासा करते हुए सबसे पहले रोड से करीब 150 मीटर भीतर दो मंजिला कमरे की निशानदेही कराई। यहां आरोपियों ने लड़की के साथ पहली बार बरामदे में ही दुराचार किया।

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लड़की के ज्यादा शोर मचाने पर आरोपियों ने खूब मारपीट भी की। बरामदे में रेप करते समय फंसने के डर से उन्होंने उसे वहां से उठा लिया और 500 मीटर और भीतर की ओर एकांत में बने कमरे में ले गए। बचने और भागने का प्रयास कर रही लड़की को कामांध युवकों ने बालों से पकड़कर घसीटा।

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आरोपियों ने उस कमरे में भी पहुंचकर निशानदेही कराई। यहां युवती के साथ अप्राकृतिक यौनाचार भी किया गया। सूत्रों की मानें तो सभी नौ आरोपियों ने उसके साथ दो या दो से अधिक बार दुराचार किया। मन भर गया तो अधमरी हालत में लड़की को वहां से बाइक पर उठाकर नहर के किनारे ले जाया गया और निर्मम हत्या कर दी।

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हत्या करने से पहले दरिंदों ने युवती के शरीर में पत्थर भी डाल दिए। बुरी तरह से तड़पती युवती ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। सोमवार को गिरफ्तारी के बाद बृहस्पतिवार को सभी आरोपियों को घटनास्थल पर ले जाया गया और निशानदेही करवाई गई। 6 घंटे चली कार्रवाई में आरोपी एक के बाद एक घटनास्थल पर पुलिस टीम को लेकर पहुंचे।

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रोहतक मंडल की फोरेंसिक टीम ने कई साक्ष्य जुटाए। सूत्रों की मानें तो पुलिस को मौके से आरोपियों के खिलाफ र्प्याप्त सबूत मिल गए हैं। बृहस्पतिवार सुबह साढ़े 11 बजे एसआईटी आठों आरोपियों पवन, मनबीर, पदम उर्फ प्रमोद, संतोष नेपाली, सरवर उर्फ बिल्लू, सुनील उर्फ शीलू, सुनील उर्फ मड्ढा, राजेश उर्फ घूचडू को हाईवे किनारे बने पहले कमरे में लेकर पहुंची।

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सभी आरोपियों से पुलिस ने घटनाक्रम से संबंधित जानकारियों के आधार पर निशानदेही कराई। मामले में 9वें आरोपी सोमबीर ने पकड़े जाने के डर से आत्महत्या कर ली थी। टीम के साथ फोरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. राजपाल व डॉ. सरोज दहिया के साथ-साथ पब्लिक मैन भी शामिल रहे। पूरी जांच एसआईटी प्रभारी डीएसपी अमित भाटिया के नेतृत्व में सीआईए-1 प्रभारी मनोज वर्मा, सदर थाना एसएचओ गजेंद्र सिंह, थाना पीजीआई प्रभारी एमआई खान कर रहे हैं।

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पूरे देश को हिलाकर रख देने वाले रोहतक के रेपकांड के सभी आरोपियों को कोर्ट ने दोषी करार दे दिया है। देखिए, 'दरिंदों' का पूरा सच।

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रोहतक के निर्भया कांड के सभी आरोपी गद्दी खेड़ी गांव के हैं। राजेश उर्फ घुचड़ू पुत्र जगदीश बेरोजगार घूमता रहता है। सुनील उर्फ शीले पुत्र रमेश अपनी दुकान शीले कोल्ड ड्रिंक पर काम करता था। सरवर उर्फ बिल्लू पुत्र ओमप्रकाश लकड़ी का काम करता है। एक आरोपी मनबीर पुत्र धर्मबीर है।

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सुनील उर्फ माड़ा पुत्र सूरजभान गांव में ही ठेके चलाता है। पवन पुत्र करमू किसी फैक्ट्री में काम करता है। प्रमोद उर्फ पदम गांव के पूर्व सरपंच रणबीर सिंह का बेटा है और खेती करता है। सोमबीर पुत्र शीलकराम एक निजी फैक्ट्री में काम करता है और नेपाली संतोष शीले की दुकान पर रहता था।

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निर्भया कांड के तीन आरोपी पदम, राजेश और सोमबीर के सिर पर पिता का हाथ नहीं है। पूरा गांव दंग है कि उनके गांव के बच्चों ने ऐसा जघन्य अपराध कैसे कर दिया, जिससे रूह कांप जाए।

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सोमबीर पुत्र सिलकराम ने दिल्ली में जहर निगल लिया, लेकिन घर पर उसकी मां को नहीं पता कि उसके बेटे का नाम सामने आ गया है। सिलकराम की विधवा कहती है कि मेरे दूसरे बेटे को भी पुलिस ने उठा रखा है। इस उम्मीद में घर के दरवाजे पर बैठी है कि जल्द ही दोनों बेटे वापस आएंगे।

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आंसु और भावनाओं को काबू कर अनिल कहता है कि मेरे पापा रमेश सरकारी स्कूल  में चपरासी हैं। उन्होंने हमें शिक्षकों जैसे संस्कार दिए। लेकिन इस रूह कंपा देने वाले अपराध में पकड़े गए तीनों आरोपी मेरे घर से हैं। फिर भी हम नहीं मान सकते कि उन्होंने ऐसा जघन्य अपराध किया होगा।
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जघन्य अपराध में भाई का नाम सामने आने से परिवार घबरा गया है। सुनील की मां और उसके भाई अनिल के आंसु नहीं रुक रहे हैं। अनिल कहता है कि उसे ठीक से याद नहीं, लेकिन शायद 1 फरवरी की रात को सुनील और नेपाली संतोष रात साढ़े 11 बजे घर आए थे।
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