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देश की पहली पानी वाली बस, दो दिन में बेबस, देखिए आज की असलियत

Thu, 15 Dec 2016 05:57 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फिरोजपुर (पंजाब)
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वाटर बस - फोटो : अमर उजाला
दो दिन पहले देश की पहली पानी वाली बस को पंजाब में चलाने के दावे किए गए थे, लेकिन असलियत कुछ और ही निकली। देखिए, पूरी रिपोर्ट।
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वाटर बस - फोटो : अमर उजाला
हरिके बर्ड सेंक्चुरी में 86 वर्ग हेक्टेयर में फैली झील में 12 दिसंबर को उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल द्वारा जल थल बस का उद्घाटन करने के बाद बस को झील में लोगों के लिए नहीं चलाया जा रहा। बुधवार को यह बस झील में नहीं चली और पर्यटक झील पर आकर वापस घर लौट गए। बताया जा रहा है कि बस के चालक सिंगापुर से आए थे जो चले गए। बस में भी तकनीकी खराबी है। ट्रायल के समय भी बस पानी में खराब हो गई थी।
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वाटर बस
उधर, झील पर बस में सवार होने आए पर्यटक रमेश कुमार, सुरेंद्र कुमार का कहना है कि इस बस का भी उसी तरह हाल होगा, जिस तरह आज से लगभग चार साल पहले हरिके बर्ड सेंक्चुरी में पर्यटकों के लिए अकाली सरकार ने रिक्शे दिए थे ताकि पर्यटक इस पर सवार होकर सेंक्चुरी में जानवरों व पक्षियों का आनंद ले सकें, लेकिन आज वो रिक्शे खराब पड़े हैं। विभाग के पास स्टाफ नहीं है। अब सेंक्चुरी में लोग आते नहीं। किश्तियों का भी बुरा हाल है। 

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वाटर बस
पर्यटक सुरेंद्र कुमार का कहना है कि अब अकाली भाजपा सरकार ने विधानसभा चुनाव में वोटें लेने के लिए झील में बस चलाई है, वह भी अब बंद पड़ी है। लोग झील पर आकर घर लौट रहे हैं। हरिके वेटलैंड के कर्मियों का कहना है कि बस में तकनीकी खराबी है जो सही तरह से झील में चल नहीं सकती है। इसके अलावा झील में पानी भी कम है। कम पानी में बस चल नहीं सकती है। कम से कम छह फुट पानी होना जरूरी है।
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वाटर बस
झील में आते हैं विदेशी पक्षी
इन दिनों झील में विदेशों से पक्षी आए हुए हैं। उन पक्षियों की देखरेख की जा रही है। हरिके बर्ड सेंक्चुरी व झील तीन जिलों फिरोजपुर, अमृतसर व कपूरथला से सटी है। इस झील में मध्य एशिया व साइबेरिया से विसलिंग बतख, कॉटन टेल, बह्रमी बतख, फेरूजिनियस बतख, टिनटेल, पिनटेल, स्पोट बिल, मल्लार्ड, कॉमन टेल व सोवेलर आदि पक्षी आए हुए हैं। 
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वाटर बस
बताया जा रहा है कि सर्दी के मौसम में मध्य एशिया व साइबेरिया की झील बर्फ से जम जाती है। इसलिए ये पक्षी उड़कर भारतीय सीमा में प्रवेश कर ऐसी झीलों पर रहने के लिए आ जाते हैं। इसके अलावा उक्त सेंक्चुरी में बंदरों की बहुत संख्या है। जंगली सूअर, जंगली मुर्गे व गुरगाबी की संख्या भी बहुत है। वर्ष 1990 में इस झील को रामसर जलगह का नाम देकर अंतरराष्ट्रीय का दर्जा दिया गया था। बर्ड सेंक्चुरी व झील सैकड़ों एकड़ एरिया में फैली हुई है। इस झील में मछलियां बहुत है। 
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वाटर बस
सैकड़ों किसानों की फसल हुई बर्बाद : जाखड़
कांग्रेसी नेता सुनील जाखड़ ने कहा कि उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल ने पानी में बस चलाने का अपना सपना पूरा करने के लिए सैकड़ों किसानों की फसल डूबा दी। किसान उजड़ गए। बस अधिक समय चलने वाली नहीं है। 
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