कोरोना संकट और लॉकडाउन के बीच चंडीगढ़ की सांसद किरण खेर को इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी नाराजगी झेलनी पड़ रही है। लोग उनसे पूछ रहे हैं कि वह इस मुसीबत की घड़ी में कहां है। इसके अलावा उनकी सक्रियता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। लोग पूछ रहे हैं कि वह इन दिनों बाहर क्यों नहीं दिखाई दे रही हैं। इन सभी सवालों का सांसद खेर ने जवाब दिया है। उन्होंने अमर उजाला से विशेष बातचीत में तमाम मुद्दों पर खुलकर बातचीत की है। पेश हैं उनसे बातचीत के कुछ अंश...
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सांसद किरण खेर
- फोटो : फाइल फोटो
सवाल: सांसद होने के बावजूद आपकी सक्रियता काफी कम नजर आ रही है?
जवाब: मेरी सक्रियता सिर्फ सोशल मीडिया पर कम नजर आ रही है। जहां भी शहर को मेरी जरूरत पड़ रही है, प्रशासन के अधिकारियों के साथ मिलकर वहां मदद कर रही हूं। कर्फ्यू के दो दिन बाद ही जीएमसीएच-32 को वेंटिलेटर आदि खरीदने के लिए एक करोड़ रुपये दिए थे। 27 मार्च को मैं चंडीगढ़ पहुंच गई थी और तब से यहीं पर हूं। लोगों में श्रेय लेने की होड़ मची हुई है तो उन्हें लेने दो। पहले भी मेरे द्वारा किए गए कार्यों का अन्य लोगों ने श्रेय लिया है, यह नई बात नहीं है।
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सांसद किरण खेर
- फोटो : फाइल फोटो
सवाल: लोगों की शिकायत है कि आपने एक बार भी शहर का दौरा नहीं किया?
जवाब: मेरी उम्र 64 साल है और मैं डायबिटीज की मरीज हूं। कोरोना एक वैश्विक महामारी है, डॉक्टरों ने मुझे बाहर निकलने से सख्त मना किया है। क्या मुझे डॉक्टरों की बात नहीं माननी चाहिए? कोरोना वायरस का सबसे ज्यादा खतरा बच्चों और बुजुर्गों को है। मैं सिर्फ डॉक्टरों के निर्देश की पालना कर रही हूं। लोग कुछ भी कहें, मैं घर पर रह कर ही काम करती रहूंगी। सिर्फ फोटो खींचकर सोशल मीडिया पर डालने के लिए मैं बाहर नहीं निकलूंगी। सभी अच्छा काम कर रहे हैं। प्रशासन, पुलिस और भाजपा की तरफ से भी हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। लंगर चल रहे हैं। खाने के पैकेट बांटे जा रहे हैं। राशन, दूध, सभी सुविधा लोगों के घर तक पहुंचाई जा रही है, फिर मैं दिखावा क्यों करूं।
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सांसद किरण खेर
- फोटो : फाइल फोटो
सवाल: क्या लॉकडाउन को बढ़ाना चाहिए?
जवाब: मेरी व्यक्तिगत राय है कि चंडीगढ़ में लगा कर्फ्यू व लॉकडाउन 14 अप्रैल के बाद भी खत्म नहीं होना चाहिए, इसे आगे बढ़ाना चाहिए। उड़ीसा और पंजाब ने लॉकडाउन को बढ़ा दिया है। चंडीगढ़ में प्रशासन के अधिकारियों की वजह से शहर में कोरोना के मरीजों की संख्या थमी हुई है, लेकिन पंचकूला और मोहाली में लगातार मरीज बढ़ रहे हैं। चंडीगढ़ एक ट्राइसिटी है, जिसमें मोहाली और पंचकूला भी आते हैं। ऐसे में चंडीगढ़ पर खतरा बरकरार है। इसके अलावा कोरोना के मरीजों के टेस्ट भी ज्यादा से ज्यादा होने चाहिएं। ज्यादा टेस्ट होंगे तो मरीज भी ज्यादा मिलेंगे और इस बीमारी पर जल्द काबू पाया जा सकेगा।
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सांसद किरण खेर
- फोटो : फाइल फोटो
सवाल: घर पर रहकर आपने प्रशासन और लोगों की कैसे मदद की है?
जवाब: सबसे पहली मदद जीएमसीएच-32 को उपकरण खरीदने के लिए दिल्ली में रहते हुए ही मैंने एक करोड़ दिए थे, जिससे उपकरण खरीद भी लिए गए हैं। डीसी की तरफ से मेरे पास उसकी रिपोर्ट भी आ गई है। लॉकडाउन के बाद भी लोगों के फोन आते रहे। एक बच्चे को दूध नहीं मिल रहा था तो उसकी मां ने मुझसे संपर्क किया। तुरंत डीसी को उनका नंबर फॉरवर्ड किया और उस बच्चे तक दूध पहुंचाया गया। इसके अलावा कई जगह खाना नहीं पहुंचने की शिकायत मिली तो उन तक खाना पहुंचाया गया। इसके अलावा अन्य राज्यों के सांसद भी यहां फंसे लोगों को बचाने के लिए संपर्क करते हैं तो मैं अधिकारियों की मदद से उन तक सहायता पहुंचा रही हूं।
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सांसद किरण खेर
- फोटो : फाइल फोटो
सवाल: शहर की वर्तमान स्थिति और प्रशासन के कार्यों से कितना संतुष्ट हैं?
जवाब: मैं मानती हूं कि कर्फ्यू के दो-तीन दिन बाद तक स्थिति काफी मुश्किल थी। लोगों को समस्या आई है। नई व्यवस्था बनाने में कुछ समय लगता है। अब सभी व्यवस्था ठीक हो गई हैं। सभी तक खाना पहुंच रहा है। डीसी मनदीप सिंह बराड़, नगर निगम कमिश्नर केके यादव समेत सभी अधिकारी बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। भाजपा, संघ आदि के कार्यकर्ता भी काफी अच्छा काम कर रहे हैं। सभी समाजसेवी संस्थाएं लंगर आदि के माध्यम से लोगों का पेट भर रहे हैं। इस मुसीबत की घड़ी में सभी एक साथ हैं। शुरू के दिनों में लोग घबरा गए थे, लेकिन अब धीरे-धीरे सब सामान्य हो रहा है।
सवाल: ऐसे वक्त पर जब ज्यादातर लोग सोशल मीडिया पर हैं, आप कुछ गायब नजर आ रही हैं?
जवाब: मेरे मोबाइल में फेसबुक, इंस्टाग्राम आदि ऐप नहीं है। मेरे सोशल मीडिया अकाउंट मेरी टीम हैंडल करती है। कुछ दिनों पहले एक पोस्ट के माध्यम से यह बता दिया है कि मैं चंडीगढ़ में ही हूं और घर पर रहकर प्रधानमंत्री के आदेशों की पालना कर रही हूं। जहां तक संभव हो पा रहा है लोगों की मदद कर रही हूं। इसके बावजूद एक ही बात को बार-बार बताया नहीं जा सकता। इस वक्त मैं घर पर अकेली हूं। पति अनुपम खेर और बेटा मुंबई में हैं। सेक्टर-8 में बहन रहती है। मैं सेक्टर-7 में हूं। यह भी बड़ी समस्या है कि वीडियो कौन बनाएगा।