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राहुल गांधी को दुखड़ा सुनाने वाले की न गई सुनी तो उसने 'मौत' चुनी

Thu, 11 Jun 2015 09:14 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहगढ़(पंजाब)
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पंजाब दौरे पर आए राहुल गांधी के सामने किसानों की समस्याएं उठाने वाले किसान ने खुद आज अपनी जिंदगी खत्म कर ली। पंजाब के फतेहगढ़ जिले के गांव दादू माजरा निवासी किसान सुरजीत सिंह (65) बेमौसम बारिश के साथ खराब हुई गेहूं और आलू की करीब आठ किला फसल का तीन महीने बाद भी सरकारी मुआवजा न मिलने से दुखी था।
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किसान सुरजीत सिंह ने बीते 28 अप्रैल को सरहिंद अनाज मंडी में किसानों का दुख-दर्द सुनने पहुंचे राहुल गांधी को प्रदेश भर के किसानों की बेमौसम बरसात से खराब हुई फसल तथा उसका मुआवजा तुरंत जारी करने की मांग की थी। सुरजीत सिंह ने राहुल गांधी को मंडियों में उनकी फसल की लिफ्टिंग, भुगतान न होने पर कहा था कि अगर ऐसा ही चलता रहा तो किसान खुदकुशी करने पर मजबूर हो जाएंगे।

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मृतक सुरजीत सिंह की तीन बेटियां और एक बेटा है। सुबह जैसे ही किसान सुरजीत सिंह की मौत की खबर गांव से शहर पहुंची तो कांग्रेसी विधायक कुलजीत सिंह नागरा अपने साथियों सहित घटनास्थल पर पहुंचे। नागरा ने कहा कि उसकी खराब फसल का सरकार ने तीन महीने बीतने के बाद भी भुगतान नहीं किया गया, जबकि एक महीने के अंदर फसल का मुआवजा सरकारी तौर पर देना बनता है।

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नागरा ने बताया कि सुरजीत सिंह अलग से 20-22 कीला ठेके पर जमीन लेकर काम करता था। उसके सिर पर करीब आठ लाख रुपये कर्ज था जो उसने फसल के लिए लिया था। कर्ज वापस होता न देख उसने खुदकुशी कर ली। विधायक नागरा एवं एएसआई प्रदीप सिंह ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल लाकर कार्रवाई करने के बाद लाश वारिसों को सौंप दी।

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नागरा ने सुरजीत सिंह की मौत के लिए मोदी सरकार को भी बराबर का आरोपी बताते हुए कहा कि बादल परिवार की बहू एवं केंद्रीय खाद्य पूर्ति मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने इंडियन नेशनल कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी के पंजाब दौरे को संसद में एक ड्रामा करार दिया था और यह भी कहा था कि वे सिर्फ अमेठी में ही रहें। ये सब बातें बादल सरकार के उन सभी किसानी हितैषी होने के दावों की पोल खोलती हैं।
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उधर देर शाम किसान को श्रद्धांजलि देने किसान के गांव दादू माजरा पहुंचे प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने मृतक किसान के परिवार को प्रदेश कांग्रेस की ओर से 2 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने का एलान किया। इसके अलावा बाजवा ने कहा कि प्रधानमंत्री अगर पंजाब के किसानों का कर्ज माफ नहीं कर सकते तो वह बादल परिवार की ओर से उन्हें गुजरात में सौंपी गई दस्तार वापस कर दें, जिस पर उन पर कोई हक नहीं बनता।
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