फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पिता का मर्डर, ओलंपिक में चोट बिस्तर पर रही, पर हिम्मत नहीं हारी वो...एशियन गेम्स में जीता गोल्ड

Tue, 21 Aug 2018 09:44 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
1 of 5
vinesh phogat
पिता का मर्डर हुआ था, रियो ओलंपिक में ऐसी चोटी लगी कि बिस्तर पर रही, पर बहादुर बेटी का जज्बा कम नहीं हुआ। पहले कॉमनवेल्थ में तो अब एशियन गेम्स में गोल्ड जीतकर इतिहास रचा, जानिए कौन।
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 5
विनेश फोगाट
हम बात कर रहे हैं, पहलवान विनेश फोगाट की। विनेश ने जकार्ता और पालेमबांग में चल रहे 18वें एशियन गेम्स में पहलवान विनेश फोगाट ने भारत को गोल्ड मेडल दिलाया। विनेश ने महिलाओं की फ्रीस्टाइल 50 किग्रा वर्ग के खिताबी मुकाबले में जापान की पहलवान यूकी आयरी को से हराया। दूसरे दिन 50 किग्रा. फ्री स्टाइल में भारत की ओर से ताल ठोकते हुए फोगाट ने शानदार प्रदर्शन किया। इंडोनेशिया में चल रहे यह इन एशियाई खेलों का भारत के लिए दूसरा गोल्ड मेडल था।
विज्ञापन

3 of 5
पहलवान विनेश फोगाट
विनेश फोगाट द्रोणाचार्य अवार्ड विजेता महावीर फोगाट की भतीजी और इंटरनेशनल पहलवान गीता फोगाट की चचेरी हैं। विनेश ने 21वें कॉमनवेलथ गेम्स में 50 किलोग्राम की कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचा था। रियो ओलंपिक 2016 में चोट लगने के बाद विनेश फोगाट काफी समय पर बिस्तर पर रहीं, पर इस बहादुर बेटी ने हिम्मत नहीं छोड़ी और फिर से अखाड़े में उतरी। विनेश ने शानदार वापसी की है और नतीजा आज सभी के सामने है।

 

4 of 5
इंटरनेशनल पहलवान विनेश फोगट - फोटो : अमर उजाला
24 अगस्त 1994 को जन्मीं विनेश, महावीर फोगाट के भाई राजपाल की बेटी है। बताया जा रहा है कि राजपाल का जमीनी विवाद के चलते मर्डर हो गया था। जिसके बाद महावीर फोगाट ने विनेश और उसकी बहन प्रियंक को अपनाया और पहलवानी की ट्रेनिंग दी। विनेश ने भी अपने ताऊ जी का मान रखते हुए इंटरनेशनल लेवल पर एक गोल्ड समेत 8 मेडल जीतकर उनका और देश का नाम रोशन किया है। हाल ही में विनेश ने हंगरी में ट्रेनिंग ली और इसी महीने, अगस्त में स्पैनिश ग्रैंड प्रिक्स जीता।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
विनेश फोगट - फोटो : फाइल फोटो
विनेश ने पहली बार साल 2013 में एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप में हिस्सा लिया था। यहां 51 किलोग्राम वर्गभार में ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया था। विनेश फोगाट इससे पहले 48 किलोग्राम वर्ग में खेलती थी, कॉमनलवेल्थ में विनेश 50 किलोग्राम वर्ग में रिंग में उतरी और मेडल जीत लिया। उन्होंने रियो ओलंपिक में हिस्सा लिया था, जिसमें वे चोटिल हो गई थीं, पर हौंसला बढ़ाते हुए सरकार ने उन्हें अर्जुन अवार्ड से नवाजा। 2014 कॉमनवेल्थ में गोल्ड और 2014 एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीत चुकी हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें