हाईप्रोफाइल चंडीगढ़ छेड़छाड़ केस में आरोपी विकास बराला और उसके दोस्त आशीष को तो पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन अब मामले में आगे क्या होगा?
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Vikas Barala Arrested
वर्णिका कुंडू के साथ छेड़छाड़ के मामले में भारी दबाव के बाद चंडीगढ़ पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पहले विकास बराला और उसके दोस्त को समन जारी किए गए, लिए नहीं गए तो समन घर के बाहर चिपकाए गए। फिर जब विकास और आशीष जेल पहुंचे तो पूछताछ के बाद किडनैपिंग की धाराए जोड़ते हुए दोनों को गिरफ्तार भी कर लिया, लेकिन बड़ा सवाल कि क्या आरोपियों को सजा हो पाएगी या फिर पहले की तरह वे जमानत पर रिहा हो जाएंगे।
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Vikas Barala Arrested
कहा जा रहा है कि सच्चाई जानने के लिए डीजीपी तेजिंदर लूथरा भी आरोपी युवकों से पूछताछ कर सकते हैं। बुधवार को तीन डीएसपी और एक आईपीएस अधिकारी ने आरोपियों से पूछताछ की है। पुलिस ने बुधवार को आरोपी युवकों का ब्लड और यूरिन के सैंपल जांच के लिए अस्पताल में दिलवाए, जबकि पिछले शुक्रवार रात को घटना के बाद आरोपी युवकों ने सैंपल देने से इंकार कर दिया था, जिस कारण पुलिस की काफी किरकिरी हुई थी।
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Vikas Barala Arrested
वहीं डीजीपी तेजिंदर लूथरा का दावा है कि विकास और आशीष को रिमांड पर लिया जाएगा। रिमांड के दौरान केस से जुड़े कई अहम सबूतों को आरोपियों की निशानदेही व बयान से इकट्ठा किया जाएगा। संभावना है कि कोर्ट आरोपियों को न्यायिक हिरासत भेज सकती है। इस दौरान आरोपी जमानत के लिए अर्जी दाखिल करेंगे। कुछ दिनों बाद अगर जमानत मिल भी जाती है तो अदालत में मामला चलता रहेगा। तीन माह के दौरान पुलिस को चालान भी पेश करना होगा।
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Vikas Barala Arrested
कोर्ट में सबूत और तथ्यों के आधार पर कार्रवाही चलती है और आरोपी को सजा दी जाती है। इस केस में पुलिस ने शुरू से ही जिस तरह से लापरवाही दिखाई है, उसे देखकर तो लगता है कि आरोपी आसानी से बच निकल सकते हैं। सबसे पहली गलती मेडिकल जांच में हुई है। आरोपियों ने ब्लड और यूरिन सैंपल देने से इंकार कर दिया। यदि ब्लड और यूरिन सैंपल की जांच होती, तो नए तथ्य सामने आते।
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Vikas Barala's Friend Ashish Arrested
शुक्रवार 4 अगस्त को शिकायत मिलने के बाद पुलिस विकास बराला और आशीष को गिरफ्तार करके थाने ले आई। इसके बाद नियमानुसार उनकी मेडिकल जांच करानी थी। पुलिस ने मेडिकल के लिए भेजा भी, लेकिन आरोपियों ने ब्लड और यूरिन सैंपल देने से इंकार कर दिया तो डॉक्टर ने उन्हें सूंघ कर और ऑब्जर्व करके रिपोर्ट दी कि वे शराब के नशे में धुत्त हैं। क्या ये जांच कोर्ट में मामले को मजबूती देगी, ये बड़ा सवाल है।
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Vikas Barala Arrested
दूसरा, पुलिस ने केस में धाराओं को लेकर भी लापरवाही बरती। पुलिस ने शुक्रवार को वर्णिका की शिकायत पर विकास और आशीष के खिलाफ आईपीसी की धारा 354-डी, 341, 365, 511 और मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के तहत केस दर्ज किया था। लेकिन कुछ देर बाद 365 और 511 को हटा दिया गया। बुधवार को गिरफ्तारी के बाद जोड़ दिया गया। ये गैर-जमानती धाराएं हैं। अब पुलिस को कोर्ट में जवाब देना होगा कि धाराएं क्यों हटाई और जोड़ी गईं।
सीसीटीवी फुटेज के मामले में भी पुलिस ने लापरवाही दिखाई, जबकि मामले में सबसे अहम सबूत सीसीटीवी फुटेज साबित हो सकता था। पुलिस ने पहले बताया कि जिस इलाके में घटना हुई, वहां के सीसीटीवी कैमरे खराब थे। सवाल उठे तो पुलिस ने दावा किया कि पांच जगहों से की फुटेज मिल चुकी हैं, जिसमें न तो कार साफ नजर आ रही है, न ही उसका नंबर दिखाई दे रहा है। ऐसे में कोर्ट में साबित करना होगा कि पीछा करने वाली कार विकास बराला की ही थी।