काश्वी गौतम जीएमएसएसएस-26 में 11वीं कक्षा की छात्रा हैं। उन्होंने बताया कि वह स्कूल में ही प्रैक्टिस करती हैं। इससे पहले वह पंजाब अंडर-16 व 19 भी खेल चुकी हैं, लेकिन वहां पर उन्हें मौके कम मिले थे। बीसीसीआई से चंडीगढ़ को मान्यता मिलने के बाद उन्होंने चंडीगढ़ से खेलना शुरू किया। बताया कि बचपन से ही उन्हें क्रिकेट खेलने का शौक था। वह तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार से काफी प्रभावित हैं।
अंडर-23 में भी शानदार प्रदर्शन
काश्वी अंडर-19 में ही नही बल्कि अंडर-23 वन डे टीम में भी खेलती हैं। उन्होंने चंडीगढ़ टीम को क्वालीफाई राउंड में पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अंडर-23 के 9 मैचों में वह 31 विकेट झटक चुकी हैं। साथ ही लीग मैचों में 180 रन बना चुकी हैं। अंडर-23 टी-20 मुकाबले में भी उन्होंने 15 विकेट झटके थे।
रोजाना पांच घंटे का कड़ा अभ्यास
काश्वी ने बताया कि कोच नागेश गुप्ता से उन्होंने क्रिकेट की बारीकियां समझीं। गेंदबाजी में धार लाने में कोच ने बेहतरीन भूमिका निभाई। उनके अलावा चंडीगढ़ अंडर-19 टीम के कोच दीपक लोटिया से भी उन्हें काफी कुछ सीखने को मिला। किसी भी खिलाड़ी व टीम के खिलाफ रणनीति बनाने में कोच दीपक की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। कोच नागेश गुप्ता ने बताया कि काश्वी रोजाना पांच घंटे प्रैक्टिस करती हैं।
माता-पिता बोले- बेटी ने रोशन कर दिया नाम, हमें नाज
मंगलवार शाम को सेक्टर-37 स्थित काश्वी गौतम के घर जश्न का माहौल था। जैसे ही घर में पता चला कि उन्होंने 10 विकेट लेकर इतिहास रच दिया है तो परिवार वालों की खुशी का ठिकाना नहीं था। पिता सुदेश शर्मा ने बताया कि आज पूरे परिवार को काश्वी पर गर्व है। हमारे साथ उसने चंडीगढ़ का नाम भी पूरे देश में रोशन कर दिया है। शाम को काश्वी की उपलब्धि पर परिवार ने केक काटकर जश्न मनाया। साथ ही दोस्तों के साथ रात को डिनर कर पार्टी की। पिता सुदेश शर्मा ने बताया कि लंदन से आए उनके दोस्त ने काश्वी को इस कामयाबी पर आईफोन टेन गिफ्ट दिया।