चंडीगढ़ नगर निगम के काम निराले हैं। जिस चौक को नया रूप देने में दो साल का समय लगा उसकी खूबसूरती को निगम ने अगले ही दिन उजाड़ दिया। चंडीगढ़ में शनिवार को मटका चौक के नए रूप का उद्घाटन किया था। अगले ही दिन नगर निगम और स्मार्ट सिटी ने इसे उजाड़ दिया। रविवार को गड्ढे खोदे गए और सोमवार को कोई काम किए बिना ही उनको भर दिया गया। हेरिटेज के नाम पर प्रशासन चंडीगढ़ में एक पत्थर लगाने की भी इजाजत नहीं देता है, लेकिन शहर के बीचों-बीच स्थित विरासती मटका चौक को बेवजह खोद दिया गया, लेकिन किसी अधिकारी ने इस पर कुछ नहीं कहा। इस भारी लापरवाही के बावजूद प्रशासन, स्मार्ट सिटी और नगर निगम के अधिकारी बड़े ही सहज तरीके से कह रहे हैं कि कंपनी को अभी काम नहीं करना था, इसलिए एक दिन पहले खोदे गए गड्ढों को भर दिया गया।
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मटका चौक पर की गई खुदाई।
- फोटो : अमर उजाला
सवाल है कि जब अभी काम करना ही नहीं था तो मटका चौक पर बड़े-बड़े गड्ढे क्यों खोदे गए। महीनों की मेहनत से तैयार हुई हरियाली, फूलों को बेवजह नष्ट क्यों किया गया। भारी गलती के बाद भी अधिकारियों को ठेकेदार और अपनी गलती का अहसास नहीं है। मौके पर मौजूद ठेकेदार के अधीन काम करने वाले एक कर्मचारी ने बताया कि यहां सीसीटीवी की तार बिछाने के लिए गड्ढे खोदने के आदेश मिले थे। रविवार को 25 मजदूर लगा कर करीब 250 मीटर लंबी और 4 से 5 मीटर गहरी खुदाई की गई। अगले ही दिन उन्हें गड्ढों को भरने के लिए कहा गया। वह भी हैरान थे कि जब कोई काम ही नहीं करना था, तो अच्छे भले मटका चौक पर बड़े-बड़े गड्ढे क्यों बनवाए गए। हालांकि, उन्हें आदेश का पालन करना था, इसलिए सोमवार को करीब 10 मजदूर लगा सभी गड्ढों को भर दिया गया।
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मटका चौक
- फोटो : अमर उजाला
मटका चौक का माली बोला- तीन महीने की मेहनत खराब
खुदाई की वजह से मटका चौक की खूबसूरती को काफी नुकसान हुआ है। कई पौधे और फूल खराब हो गए हैं। सोमवार को जब गड्ढे भरे जा रहे थे, तो मटका चौक का माली भी वहां मौजूद रहा। माली ने बताया कि तीन महीने की मेहनत से मटका चौक पर कई तरह से फूल और पौधे लगाए गए थे। सभी को एक डिजाइन के अनुसार तैयार किया गया था, जिसकी खूबसूरती देखते ही बन रही थी, लेकिन उद्घाटन के अगले ही दिन कई कर्मचारी आए और काम का हवाला देकर चौक को खोद डाला। माली ने कहा कि वह देखने के सिवा कुछ कर नहीं सकता था, लेकिन ज्यादा दुख सोमवार को हुआ, जब पता चला कि उनकी मेहनत को बिना किसी कारण के खराब किया गया है। मटका चौक पर लगाए गए फूलों का डिजाइन पूरी तरह से खराब हो गया है।
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मटका चौक पर की गई खुदाई।
- फोटो : अमर उजाला
मटका चौक पर संदीप गोयल ने एक करोड़ खर्चे, वह भी दुखी
मटका चौक को नया रूप देने के लिए व्यापारी डॉ. संदीप गोयल ने करीब एक करोड़ रुपये खर्च किए हैं। करीब दो साल तक विभिन्न विभागों के चक्कर लगाए, लेकिन उद्घाटन के अगले ही दिन चौक की ऐसी हालत कर देने पर वह भी दुखी है। उन्होंने प्रशासन के कई अधिकारियों को इसकी जानकारी दी, लेकिन किसी ने कुछ नहीं किया और मटका चौक पर बड़े-बड़े गड्ढे बना दिए गए। अधिकारियों के इस रवैये से वह आहत हैं। उन्होंने कहा कि कई लाइटों को भी नुकसान हुआ है और पुरानी स्थिति में लौटने के लिए अब काफी समय लगेगा, क्योंकि घास भी खराब हो गई है।
कंपनी को अभी नहीं करना था काम, इसलिए भर दिए गड्ढे
इंटेलिजेंट यातायात प्रणाली लगाने के लिए बेल कंपनी की ओर से गड्ढे खोदे गए थे। फिलहाल उन्हें काम नहीं करना था। कोई हादसा न हो, इसलिए सोमवार को गड्ढे भरवा दिए गए। -अनिल गर्ग, अतिरिक्त सीईओ, स्मार्ट सिटी