अरुण मलिक ने बताया कि अब भगवान को अन्न का प्रसाद नहीं चढ़ाया जाएगा। फलों में केले का प्रसाद भी वर्जित है। भगवान का उपचार जड़ी बूटियों, सोंठ, लौंग, इलाइची, काली मिर्च, पीपली से होगा। उन्होंने कहा कि मंदिर के पुजारी लक्ष्मी धर दास उनका इलाज करेंगे। मंदिर के गर्भ गृह में केवल पुजारी ही जाएंगे। अन्य कोई भी भक्त मंदिर में प्रवेश नहीं करेगा।