इस बार पीयू चुनाव के समीकरण बदल सकते हैं। 2015 में पीयू छात्र काउंसिल में 32 साल बाद जीत हासिल करने वाले एनएसयूआई ने आगामी छात्र काउंसिल चुनाव में गर्ल्स वोटर कार्ड को लुभाने का बड़ा दाव खेल दिया है।
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पीयू के लॉ विभाग से एलएलएम की छात्रा सिया मनोचा को स्टूडेंट सेंटर पर प्रधानपद का उम्मीदवार घोषित कर दिया गया। इस फैसले से पीयू के अन्य बड़े छात्र संगठनों के लिए मुश्किल खड़ी हो गई है।
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पंजाब यूनिवर्सिटी के 69 विभागों में 14,500 वोटर में से 70 फीसदी के करीब छात्राओं के वोट हैं। ऐसे में दूसरे छात्र संगठनों को भी प्रधान पद पर उम्मीदवार की घोषणा से पहले गर्ल्स वोटर को ध्यान में रखना होगा।
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उधर सोसाइटी फॉर स्टूडेंट(एसएफएस) भी छात्र काउंसिल चुनाव में किसी छात्रा को उतारने की तैयारी में है। एनएसयूआई छात्र नेता मनोज लुबाणा ने कहा कि इस बार छात्रा को प्रधान पद देने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि एनएसयूआई ही छात्रा को पहली बार प्रेसिडेंट पद की सीट पर बिठाने के लिए मैदान में उतरी है।
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300 से अधिक समर्थकों के बीच एनएसयूआई ने प्रधान पद की उम्मीदवार की घोषणा की। इस मौके पर ऑल इंडिया यूथ कांग्रेस के प्रेसिडेंट और पंजाब के विधायक राजा वडिंग, ऑल इंडिया एनएसयूआई प्रेसिडेंट अमृता धवन, फतेहगढ़ के विधायक और पीयू के पूर्व छात्र नेता कुलजीत नागरा, मोहाली के विधायक बलबीर सिद्दू और कांग्रेस के युवा नेता और पवन बंसल के बेटे मुनीष बंसल भी मौजूद थे।
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पीयू प्रशासन ने चुनाव आचार संहिता के दोरान किसी भी बाहरी नेताओं की एंट्री पर रोक लगाने की बात कही। लेकिन इन आदेशों की जमकर अनदेखी हो रही है। वीरवार दोपहर स्टूडेंट सेंटर पर एनएसयूआई ने शक्ति प्रदर्शन किया।
पीयू चुनाव में जीत के लिए छात्र संगठन पैसे और बल दोनों का जमकर प्रयोग कर रहे हैं। इसी को केंद्रित करते हुए एसएफएस छात्र संगठन ने स्टूडेंट सेंटर पर मेला वोटां दा ...शीर्षक से नुक्कड़ नाटक का मंचन किया। नाटक में पीयू के सभी छात्र संगठनों पर खूब व्यंग कसे गए। नाटक को दर्शकों ने खूब पसंद किया।