कुलभूषण जाधव पर अत्याचार कर रहे पाकिस्तान की 'नापाक' हरकतों का तोड़ निकालेगी देश की ये बेटी। पड़ोसी देश के संभलने का वक्त आ गया है।
विज्ञापन
2 of 8
बीएसएफ की पहली महिला अधिकारी तनुश्री पारीक
दरअसल, सीमा सुरक्षा बल को 51 साल कि इतिहास में मिली पहली महिला अधिकारी तनुश्री पारीक ने भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर देश की सुरक्षा की कमान संभाली है। करीब एक सप्ताह से सीमा पर नियुक्त सहायक कमांडेंट तनुश्री पारीक की तैनाती देश सेवा का जज्बा रखने वाली लड़कियों के लिए प्रेरणासोत्र है।
विज्ञापन
3 of 8
बीएसएफ की पहली महिला अधिकारी तनुश्री पारीक
तनुश्री की तैनाती से बीएसएफ में नियुक्त महिला कांस्टेबलों को पेश आने वाली समस्याओं से भी निजात मिलेगी। फिरोजपुर रेंज के डीआईजी बीएस राजपुरोहित ने बताया कि खाई महल सिंह वाला के 105 बटालियन में पिछले सप्ताह से तैनात तनुश्री पारीक अपने कार्य को बेहतर तरीके से अंजाम दे रही हैं।
4 of 8
बीएसएफ की पहली महिला अधिकारी तनुश्री पारीक
वहीं असिस्टेंट कमांडेंट तनुश्री पारीक का कहना है वे पूरे हौसले और सजगता से अपने कामों को अंजाम देकर बेहद खुश हैं। पारीक ने मध्य प्रदेश के टेकनपुर स्थित सीमा सुरक्षा बल अकादमी में आयोजित पासिंग आउट परेड में देश की पहली महिला अधिकारी (असिस्टेंट कमांडेंट) के रूप में हिस्सा लिया।
विज्ञापन
5 of 8
बीएसएफ की पहली महिला अधिकारी तनुश्री पारीक
पारीक ने बीएसएफ अकादमी में अधिकारियों के 40वें बैच में बतौर सहायक कमांडेंट 52 हफ्तों का प्रशिक्षण पूरा किया है। उनकी तैनाती से बीएसएफ में कार्यरत महिला कांस्टेबलों मे भी प्रसन्नता है, क्योंकि महिला अधिकारी की नियुक्ति से उन्हें कई प्रकार की उन समस्याओं से छुटकारा मिल जाएगा जिन्हें वे पुरुष अधिकारियों के समक्ष पहुंचाने में हिचक महसूस करती थीं।
विज्ञापन
6 of 8
बीएसएफ की पहली महिला अधिकारी तनुश्री पारीक
देश की महिलाएं चुनौती भरे क्षेत्रों में भी बढ़चढ़ कर न केवल हिस्सा ले रही हैं, बल्कि अपने साहस से नित नई शौर्य गाथाएं भी लिख रही हैं। इससे लगभग हर क्षेत्र में महिलाएं अपनी पहचान कायम कर चुकी हैं, लेकिन सीमा सुरक्षा बल यानी बीएसएफ अभी तक महिला अधिकारियों से अछूता था, जिसे राजस्थान के बीकानेर की रहने वाली तनुश्री पारीक ने असिस्टेंट कमांडेंट बनकर इस कमी को पूरा कर दिया।
विज्ञापन
7 of 8
बीएसएफ की पहली महिला अधिकारी तनुश्री पारीक
राजस्थान के बीकानेर और सुजानगढ़ से शिक्षा हासिल करने वाली पारीक के पिता वेटेरिकनरी चिकित्सक हैं। तनुश्री ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने पूरे परिवार सहित बीएसएफ ट्रेनिंग अधिकारियों को देती हैं। लोगों के नाम अपने संदेश में तनुश्री कहती हैं कि अगर समाज बेटा और बेटी में फर्क करना छोड़ दे तो बेटियां किसी भी क्षेत्र में बेटों से कम नहीं है और वे देश का नाम रोशन करती हैं।
गौरतलब है कि वर्ष 2013 में बीएसएफ ने महिला अधिकारियों की सीधी भर्ती करने का निर्णय किया था। जिसके बाद तनुश्री पारीक ऐसी पहली महिला है जिन्होंने वर्ष 2014 में यूपीएससी की परीक्षा पास करने के बाद बीएसएफ में सीधी एंट्री की थी। हालांकि वर्ष 2015 में बीएसएफ में पहली महिला अधिकारी सतवंत अटल त्रिवेदी थी, लेकिन वह सिविल सेवा की अधिकारी थी।