डिस्काउंट के चक्कर में जिस तेजी से ग्राहकों ने बीएस-3 कैटेगरी के वाहन खरीदें हैं। अब उस पर एक नए झटके की तैयारी कर लीजिए।
विज्ञापन
2 of 5
बीएस3 वाहनों के लिए लोगों में धक्का मुक्की
- फोटो : File Photo
अगले तीन सालों में इन वाहनों की री-सेल वैल्यू जीरो हो जाएगी। बाजार में इन वाहनों का कोई खरीददार नहीं होगा। क्योंकि वर्ष 2020 में बीएस-6 तक वाहन अपडेट हो जाएंगे। बता दें कि जिले में 30 और 31 मार्च को 7 करोड़ रुपए के 450 से अधिक बीएस-3 वाहन बिके थे, जिसमें मोटरसाइकिल, स्कूटी और कार आदि वाहन शामिल हैं। तीन साल बाद ये वाहन केवल कबाड़ में ही बिक सकेंगे।
विज्ञापन
3 of 5
बीएस3 वाहनों के लिए लोगों में धक्का मुक्की
अभी तक ग्राहक खरीदे गए वाहन को कुछ समय तक तक इस्तेमाल करने के बाद उसे बाजार में ठीक-ठीक कीमत में बेच देते थे और अपनी पसंद का कोई नया फीचर व तकनीक वाला वाहन खरीद लेते थे। लेकिन बीएस-3 वाहनों के मामले में ऐसा नहीं हो पाएगा।
4 of 5
बीएस3 वाहनों के लिए लोगों में धक्का मुक्की
ऑटोमोबाइल कंपनियों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बीएस-3 व्हीकल्स को एजेंसियों से वापस प्लांट में लाने सहित अन्य बड़े खर्चे बचाने के चक्कर में भारी डिस्काउंट ऑफर का लालच देकर बीएस-3 वाहनों का सारा स्टॉक दो दिनों में बेच लिया। लेकिन कंपनी ने ग्राहकों को यह नहीं बताया कि ये वाहन दो-तीन सालों में कबाड़ हो जाएंगे। इन वाहनों की री-सेल वैल्यू खत्म हो जाएगी।
बीएस-4 मानक वाले वाहन बीएस-3 से काफी अपग्रेड हैं। बीएस-3 पर प्रतिबंध के फैसले के बाद बचे हुए दो दिनों में लोगों ने धड़ाधड़ बाइक, गाड़ियां खरीदी हैं। लेकिन इन वाहनों की री-सेल वैल्यू तीन सालों में ना के बराबर हो जाएगी। अनुमान है कि 2020 तक बीएस-6 मानक वाले वाहन बाजार में उपलब्ध होंगे। ऐसे में ग्राहक अपग्रेडेड वाहनों की ओर रुख करेगा।