तस्वीरें बहुत ही विक्षप्त हैं कमजोर दिलवाले तो इसे मत ही देखें। बलि दी गई है वो भी नवजात की। जब शव निकाला तो ऐसे थे हालात।
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देखिए, 'बलि' दिए नवजात को जब बाहर निकाला
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तंत्र-तंत्र के चक्कर में नवजात शिशु की बलि देने की दिल दहला देने वाली वारदात हरियाणा के सिरसा के गुरुतेग बहादुर नगर स्थित एक मजार के पीछे की है। सिविल अस्पताल के सामने स्थित हुडा ग्रीन बेल्ट में बच्चा गिल्ली लेने गया तो वहां भूमि में नवजात बच्चे का सिर देख सहम गया और शोर मचाया।
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इसके बाद अन्य बच्चे वहां पहुंचे और आसपास मौजूद मोहल्ला वासियों को इसकी जानकारी दी। जमीन में धड़ तक दफन नवजात की बात आग की भांति क्षेत्र में फैल गई। सूचना मिलने पर जेजे पुलिस चौकी मंगल सिंह मौके पर पहुंचे और वरिष्ठ अधिकारियों को घटनाक्रम की जानकारी दी।
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इसके बाद जमीन में धड़ तक दफन नवजात के शव को निकालने की प्रक्रिया शुरू की गई। शव बाहर निकालने पर डॉक्टर ने जांच की तो शव नवजात ‘लड़के’ का निकला। इंस्पेक्टर दिनेश कुमार ने बताया कि डॉक्टरों ने बताया है कि जन्म लेने के कुछ घंटों बाद ही नवजात को जमींन मे दफनाया गया है।
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जिस स्थान पर नवजात को धड़ तक दफनाया गया है उसके 12 कदम पर एक मजार है और 200 कदम पर मां काली का मंदिर है। ऐसा माना जा रहा है कि अंधविश्वास के चलते तांत्रिक कार्य को पूरा करने के लिए इस नवजात शिशु को जन्म के अंधेरे में धड़तक दफनाया गया।
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क्षेत्र वासी भी इस शिशु हत्या को तंत्र-मंत्र से जोड़कर देख रहे हैं क्योंकि शख्स बिना किसी मकसद के नवजात के साथ इतनी क्रूरता नहीं दिखा सकता। जांच अधिकारी एएसआई मंगल सिंह का कहना है कि नवजात का आसपास के क्षेत्र में नहीं हुआ।
मुखबिरों की सहायता से पुलिस हर तरह से इस मामले की जांच कर रही है। मामला तांत्रिक मकसद को पूरा करने के लिए नवजात की बलि देने का भी हो सकता है। फिलहाल डॉक्टर ने बच्चे के शव का बिसरा तैयार करके जांच हेतु मधुबन लैब भेज दिया है।