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नारनौल में मिट्टी में दफन 11 जिंदगियां, देखिए मौत का सच

Sat, 08 Aug 2015 08:12 AM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, नारनौल(हरियाणा)
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हरियाणा के नारनौल में भीषण हादसे में 11 जिंदगियां देखते-ही- देखते मिट्टी में दफन हो गई। तस्वीरों में देखिए उनकी मौत का काला सच।
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नारनौल में मिट्टी में दफन 11 जिंदगियां, दे‌खिए मौत का सच

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दरअसल नारनौल से 15 किमी दूर धौलेड़ा में स्थित क्रशर जोन में निर्माणाधीन एक क्रशर पर दीवार बनाने का काम चल रहा था। दोपहर करीब 12 बजे जिले के धौलेड़ा में मजदूर चिनाई के काम में लगे थे कि अचानक चारदीवारी के लिए बनाई जा रही एक दीवार बेस गहरा होने के कारण भरभरा कर गिर गई। दीवार गिरने से उसके मलबे में लगभग 50 मजदूर दब गए। हादसे से मौके पर हाहाकार मच गया।

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दीवार ढहने का धमाका और चीख-पुकार सुनकर आसपास से लोग मौके पर दौड़े चले आए और बचाव कार्य शुरू किया। लोगों ने एक्सकेवेटर मशीन की सहायता से कड़ी मशक्कत से मलबा हटाकर उसमें दबे मजदूरों को बाहर निकाला। तब तक 10 मजदूरों की मौत हो चुकी थी। घायलों को सिविल अस्पताल पहुंचाया। वहां से हायर सेंटर ले जाने के दौरान गंभीर रूप से घायल एक और मजदूर की मौत हो गई।

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हादसे में निर्माणाधीन क्रशर की दीवार ढहने से मलबे में दबकर तीन महिलाओं की मौत भी हो गई और 30 से अधिक लोग घायल हो गए। मौके पर पहुंचे उपायुक्त ने मृतकों के परिजनों को तीन-तीन लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये देने की घोषणा की है। उधर इस घटना से गुस्साए धौलेड़ा के ग्रामीणों ने क्रशर जोन की ओर जाने वाले रास्तों को बंद कर दिया है।

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हादसे में धौलेड़ा की गीता (30) पत्नी सिकंदर, लीला (32) पत्नी ओमप्रकाश, ममता (17) पुत्री सीताराम, यादराम (40) पुत्र हजारीलाल, बेगपुर निवासी सुरेंद्र (30) पुत्र मांगूराम, इस्लामपुरा निवासी राजू (28) पुत्र रामौतार, मेघोत बिंजा निवासी कंवर सिंह पुत्र थावर, बेगपुरा निवासी अभय सिंह (32) पुत्र चंद्रभान, सरेली निवासी शेर सिंह (53) पुत्र जुत्थाराम, इस्लापुरा निवासी भूपेंद्र (20) पुत्र गणेश और गांव सरेली निवासी पीरू पुत्र मिस्ती की मौत हो गई।

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हादसे में ये हैं घायलः घायलों में मेघोत निवासी संजय व सुमेर, धौलेड़ा निवासी पूजा, सविता, शंकर तथा चांदबाई के अलावा सिलूरी निवासी चंदा, सरेली निवासी नरेश कुमार को उपचार के लिए रोहतक पीजीआई रेफर किया गया। धौलेड़ा निवासी संजू, रामपियारी, तेजू और बच्ची को इलाज के लिए सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

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हादसे में मारे गए लोगों का देर शाम सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम हुआ। उपायुक्त, एसपी, एमएलए और एसडीएम आदि ने मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया और सिविल अस्पताल का भी दौरा किया। देर शाम शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने भी अस्पताल का दौरा कर घायलों का हालचाल जाना। वहीं अचानक सिविल अस्पताल में इतने अधिक मरीज आने से अफरा-तफरी मच गई।

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इसके कारण प्रशासन ने तुरंत भारी संख्या में पुलिस फोर्स सिविल अस्पताल और धौलेड़ा भेजी। पुलिस ने इस संबंध में मुकेश कुमार पुत्र मांगे राम निवासी धौलेड़ा की शिकायत पर क्रशर मालिक नवीन उर्फ चुन्नीलाल, सोहन पाल निवासी कांवी, क्रशर के मुंशी गुलशन निवासी अकबरपुर और मुंशी प्रेम डॉक्टर निवासी धौलेड़ा के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

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अतुल कुमार, उपायुक्त, नारनौल ने हादसे की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की ओर से मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख व राजीव गांधी बीमा योजना से एक-एक लाख रुपये दिए जाएंगे। घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। बलवान सिंह राणा, एसपी, नारनौल के अनुसार सभी पहलुओं की जांच कर ही मामला दर्ज किया जाएगा। पुलिस ने मौके पर पहुंच घायलों को सिविल अस्पताल पहुंचाया।

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हादसे के पीछे विशेषज्ञ यह कारण मान रहे हैं कि अगर दीवार ईंटों से बनी हुई है और एक दो दिन पहले ही बनी है और उसके पास किसी भारी वाहन के आने या चलने से दीवार गिर सकती है। कंकरीट, सरियों से बनी दीवार मजबूत होती है वहां ऐसी संभावना कम होती है। इस दीवार के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ होगा। साइड में कोई जेसीबी आदि चलने से ईंट जगह छोड़ गई तथा दीवार गिर गई।
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