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देखिए अनोखा गांव, जहां हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई, बनकर रहते भाई-भाई

Mon, 15 Jan 2018 07:48 PM IST
कौशिक खान/अमर उजाला, छछरौली (यमुनानगर)
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अनोखा भारतीय गांव
कहानी चौंकाने वाली है, लेकिन सौ टका सच है। देश में एक गांव ऐसा है, जहां हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई बनकर रहते हैं भाई-भाई, देखिए।
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अनोखा भारतीय गांव
हरियाणा के यमुनानगर में बीस हजार की आबादी का गांव छछरौली पूरे देश में भाईचारे की एक अलग मिसाल है। यहां मंदिर, मस्जिद और गुरुद्वारे की दीवारें आपस में इतनी सटी हैं कि वे अलग-अलग धर्मों में लोगों को बांटती नहीं, बल्कि जोड़ती हैं। हिंदू, सिख, मुस्लिम और ईसाई यहां मिलजुल कर रहते हैं। न ही आजादी से पहले और न ही बाद में, इस गांव में कभी सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ।
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अनोखा भारतीय गांव
यमुनानगर से पौंटा साहिब नेशनल हाइवे (एनएच-907) पर यह गांव 18 किलोमीटर की दूरी पर है। इसकी खासियत बिल्कुल पास पास बने श्री राधा-कृष्ण मंदिर, जमा मस्जिद और श्री गुरुद्वारा सिंह सभा हैं। गांव में करीब 9000 हिंदू, 6000, मुस्लिम, 4000 सिख और एक हजार ईसाई रहते हैं। आजादी के बाद 1947 में जब पूरा देश सांप्रदायिक हिंसा में झुलस रहा था, इस गांव में अमन चैन कायम रहा।

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अनोखा भारतीय गांव
जामा मस्जिद छछरौली का 1981 से जिम्मा संभाल रहे 73 वर्षीय हकीम हाफिज मोहम्मद यासीन बताते हैं कि बाबरी मस्जिद ढाहे जाने के बाद देश में माहौल बिगड़ा था मगर गांव का भाईचारा कायम रहा। तीनों धर्म स्थल आजादी से पहले के बनें हैं। पहले ये छोटे थे। आबादी बढ़े तो इनके भवन भी बड़े होते गये। हर शुक्रवार को बाजार लगता है। इसमें सभी मुस्लमान भाई दुकान लगाते हैं अन्य सभी धर्मों के लोग खरीददारी करने आते हैं।
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अनोखा भारतीय गांव
श्रीगुरुद्वारा सिंह सभा में 13 वर्ष से सेवा कर रहे ग्रंथी सेवादार भाई कंवलप्रीत सिंह के मुताबिक गांव के सब लोग मुसीबत में साथ खड़े होते हैं। मिलकर एक दूसरे के त्योहार मनाते हैं। गांव के लाला खेतरपाल ने मंदिर की जगह गुरुद्वारे के बाहर वाटर कूलर इसलिए लगवाया, क्योंकि गुरुद्वारा बीच में है। अब मंदिर और मस्जिद के श्रद्धालु भी यहीं आकर पानी पीते हैं। पुजारी ललित शर्मा बताते हैं कि मंदिर का कम्युनिटी हाल सभी धर्मों के लोगों के लिए खुला है।
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अनोखा भारतीय गांव
पुजारी, इमाम और ग्रंथी बैठते हैं मिलकर
सुबह मस्जिद में अजान होती है तो गुरुद्वारे से गुरबाणी पाठ, साथ सटे राधाकृष्ण मंदिर से भजनों के सुर, इस क्रम में होते हैं कि तीनों मिलकर आपस में सौहार्द का एक नया राग बनाते हैं। पूजा-पाठ खत्म होने के बाद पुजारी, इमाम और ग्रंथी सेवादार दिन का ज्यादातर समय साथ बैठकर ही बिताते हैं।
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अनोखा भारतीय गांव
पंचायत में सुलझते हैं मनमुटाव
सरपंच सुषमा गोयल ने बताया कि छछरौली में आपसी झगड़े बहुत कम हैं। अगर किसी बात को लेकर कहासुनी व मनमुटाव हो भी जाता है तो पंचायत में ही मामला सुलझा लिया जाता है। थाना छछरौली में पिछले छह माह से गांव के छगड़े का कोई केस नहीं है।
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