अस्पताल पहुंची पुलिस।
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तीन वर्ष की आयु में छोड़कर चली गई थी मां
कोच हरदीप सिंह ने बताया कि कुलदीप सिंह को उसकी माता तीन वर्ष की आयु में ही छोड़कर चली गई थीं। इसके बाद बड़ी बहन ने ही कुलदीप और मेला को पाला। परिवार को कुलदीप से बहुत आश थी लेकिन उनको क्या पता था कि एक दिन कुलदीप उनके सपनों को तोड़कर हमेशा के लिए चला जाएगा। कोच हरदीप सिंह ने बताया कि बॉक्सर कुलदीप सिंह के पिता प्रीतम सिंह दिहाड़ी का काम करते है, जबकि उनका भाई मेला सिंह गांव में ही नाई की दुकान करता है।