देश में बीजेपी के अच्छे दिन बेशक अब नहीं रहे हैं, लेकिन चंडीगढ़ में पार्टी के अच्छे दिन लौट आए हैं। यकीन नहीं है तो देखिए तस्वीरें और जानिए मामला।
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चंडीगढ़ में BJP के फिर आ गए अच्छे दिन, यकीन नहीं तो देखें
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चंडीगढ़ में बीजेपी ने मार्केट कमेटी के चुनाव में पांच सीटें जीत कर अपना परचम लहराया है। दो कांग्रेस समर्थक और दो निर्दलीय भी जीते हैं। मार्केट कमेटी के पूर्व चेयरमैन दवेंद्र सिंह बबला के जीतने से कांग्रेस में भी उत्साह है।
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चंडीगढ़ में मार्केट कमेटी के 9 निदेशक पद के लिए चुनाव हुआ। जिसमे भाजपा समर्थित 5, कांग्रेस समर्थित दो और दो निर्दलीय उम्मीदवार जीते हैं। 9 निदेशकों के लिए 13 उम्मीदवार मैदान में थे। 9 में से पांच सीटे जमींदारों, दो सीटे आढ़तियों, एक सीट पल्लेदारों और एक सीट कोआपरेटिव सोसाइटी के लिए है। सुबह 8 से लेकर शाम 4 बजे तक चुनाव हुआ। शाम 6 बजे तक सभी 9 पदों के लिए परिणाम आ गए।
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अब अगले 10 दिन में चेयरमैन और वाइस चेयरमैन पद के लिए चुनाव होगा। जीते हुए 9 निदेशक ही इनका चयन करेंगे। वोट डालने के लिए पंचकूला से विधायक ज्ञानचंद गुप्ता भी आए। गुप्ता की भी आढ़तियों की कैटगरी में मतदाता है।
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जमींदार वर्ग में पंच-सरपंचों के कुल 144 वोट थे और पांच सीटों के लिए छह उम्मीदवार मैदान में थे। इस वर्ग में कांग्रेस समर्थित कजहेड़ी के सुखविंदर सिंह काला और किशनगढ़ के कुलविंदर सिंह काला 27-27 वोट, रायपुर खुर्द के रामबीर भट्टी 26 वोट, बढ़हेड़ी के जुझार सिंह 25 वोट और खुड्डा अलीशेर के गुरप्रीत सिंह 20 वोट लेकर विजयी रहे, जबकि भाजपा समर्थित हुकम चंद को 19 ही वोट मिले और वह हार गए।
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आढ़ती वर्ग में कुल 305 वोट हैं और 297 ने मतदान किया। दो सीटों के लिए तीन उम्मीदवार मैदान में थे। भाजपा समर्थित सुनील गुप्ता 115 वोट लेकर और कांग्रेस समर्थित देवेंद्र सिंह बबला 108 वोट लेकर विजयी रहे, जबकि एक अन्य भाजपा समर्थक बृज मोहन को 70 वोट ही मिले और वह हार गए।
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पल्लेदार वर्ग की एक सीट के लिए कांटे का मुकाबला हुआ और मात्र एक वोट से फैसला हुआ। कुल 163 में से सुभाष रंधावा 81 वोट लेकर विजयी रहे, जबकि अतुल को 80 वोट मिले। पल्लेदारों की वोटिंग को लेकर सुबह हंगामा भी हुआ। करीब एक दर्जन पल्लेदारों को पहचानपत्र न होने की वजह से मतदान नहीं करने दिया।