बच्चों की शादी करने के लिए सोच रहे हैं तो पहले सरकार की ओर से जारी ताजा फरमान एक बार देख लीजिए। ये फरमान महिला एवं बाल कल्याण विभाग ने जारी किए हैं। तस्वीरें। - रिपोर्टः मोनिल शर्मा
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बच्चों की शादी से पहले ताजा सरकारी फरमान देख लें
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विभाग के आदेश हैं कि बाल विवाह करने वालों पर अब बैंड बाजे वालों की भी नजर रहेगी। अगर कहीं बाल विवाह होता पकड़ा गया तो बैंड वालों पर भी कार्रवाई की जा सकती है। ऐसे में अब मंगल धुन बजाने वाले भी वर-वधू की उम्र की तस्दीक करते नजर आ सकते हैं।
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बता दें कि अभी तक बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत शादी का कार्ड छापने वाले प्रिंटर, कैटर्स के अलावा पंडित जी के लिए ही शादी से पहले वर वधू की उम्र का वेरिफिकेशन करना जरूरी था। अब इस अधिनियम में बैंड वालों को भी जोड़ा गया है। अगर कहीं भी बाल विवाह होता पकड़ा जाता है तो इन लोगों को भी आरोपी बनाया जा सकता है।
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वर-वधू के उम्र संबंधी दस्तावेजों का वेरिफिकेशन स्कूल की अंक सूची, जन्म प्रमाण पत्र, आंगनबाड़ी केंद्र के रिकॉर्ड से किया जाएगा। इन दस्तावेजों के अभाव में स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी मेडिकल प्रमाण पत्र भी मान्य होगा।
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बाल संरक्षण विभाग से मिले आंकड़ों के मुताबिक एक जनवरी से लेकर 20 अप्रैल 2015 तक जिले में बाल विवाह की 18 शिकायतें मिली हैं। इसमें से 10 बाल विवाह को काउंसिंलिंग के जरिए रुकवाया गया है। वहीं 1 शादी में कोर्ट से ऑर्डर लिए गए हैं तो दो में एफआईआर दर्ज की गई है।
अखा तीज पर रोहतक जिले में लगभग 450 जोड़े परिणय सूत्र में बंधेंगे। ज्योतिषाचार्य पंडित संदीप पाठक ने बताया कि अक्षय तृतीया का दिन नए जीवन में कदम रखने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। इसलिए शहर में ऐसा कोई मंदिर, धर्मशाला या बैंक्वेट हॉल नहीं होगा, जहां शादियां न हो। ज्यादातर पंडितों के पास दो से तीन शादियों की बुकिंग है।