आकाश की परिकल्पना भारतनाट्यम के माध्यम से टैगोर थिएटर के स्टेज पर उतरी तो देखने वालों ने कोरियोग्राफर और पद्मश्री भरतनाट्यम नृत्यांगना लीला सैमसन की परिकल्पना को दाद दे डाली।
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PICS: 'लीला' के भारतनाट्यम से आकाशमय हुआ टैगोर
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चंडीगढ़ संगीत नाटक अकादमी द्वारा टैगोर थिएटर में आयोजित लीला सैमसन और उनकी स्पांडा डांस कंपनी की यह परफारमेंस देख चंडीगढ़ प्रशासक के एडवाइजर केके शर्मा की तालियां भी नहीं रुकीं।
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PICS: 'लीला' के भारतनाट्यम से आकाशमय हुआ टैगोर
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लीला सैमसन की भारतनाट्यम की इस प्रस्तुति की शुरुआत हुई आकाश (स्काई) से। जिसमें लीला की कोरियोग्राफी का अद्भुत चमत्कार देखने को मिला। इस प्रस्तुति की परिकल्पना आकाश थी।
नृत्यांगनाओं ने विभिन्न चाल के माध्यम से दिखाया कि आकाश यूनिवर्स है और गर्भ पृथ्वी है। इसके कंपोजर मधुप मुदगल रहे। इसके बाद पांच जातियों पर आधारित स्पंध मात्रिका को प्रदर्शित किया गया।