शहीद के परिजनों से मिलने आए तो 'आप' में कलह और गुरप्रीत घुग्गी के इस्तीफे पर पूछे गए सवाल के जवाब में भगवंत मान ने अजीब सा जवाब दिया।
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शहीद परमजीत के अंतिम अरदास में पहुंचे सैकड़ों लोग
भगवंत मान ने कहा कि अभी नहीं... । इतना कहकर वे आगे निकल गए। आखिर क्या मतलब है इस जवाब का, पत्रकार सोचते रह गए। फिर मान एकाएक पीछे मुड़े और हंसते हुए बोले, अभी मेरे कुछ बोलने का वक्त नहीं है। न ही मैं बोलना चाहता हूं। इतना जरूर कहूंगा कि सही समय आने दीजिए। सही समय पर जो बोलूंगा, वो सभी सुनेंगे।
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भगवंत मान
- फोटो : अमर उजाला
भगवंत मान शहीद परमजीत के परिजनों से मिलने गांव वंईपुंई पहुंचे थे। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश प्रधान होने के नाते पहला फैसला लेकर सभी को चौंका दिया। उन्होंने अमृतसर लोक सभा चुनाव में पार्टी कैंडिडेट रहे उपकार संधू को पार्टी से निकालने का एलान किया है। मान ने कहा कि संधू को पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण पार्टी से निष्कासित किया गया है।
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आप सांसद भगवंत मान
जम्मू-कश्मीर में शहीद हुए नायब सूबेदार परमजीत सिंह के गांव वंईपुंई में श्री अखंड पाठ का भोग डाल अंतिम अरदास की गई। बुधवार आयोजित इस कार्यक्रम में राजनीतिक व धार्मिक लोगों के साथ-साथ आसपास गांवों के सैंकड़ों लोगों ने शिरकत की। इस मौके पर सांसद भगवंत मान ने परिवार को सांत्वना देते कहा कि शहीद परमजीत सिंह ने देश के लिए जो कुर्बानी दी है, उसे हमेशा याद रखा जाएगा।
मान ने सरकार बनने पर नौकरी देने का किया वादा
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार परिवार को एक करोड़ रुपये की सहायता दें। इस मौके पर उन्होंने अपने सांसद निधि से शहीद के गांव में लाइब्रेरी बनाने के लिए दस लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने कहा की पंजाब सरकार और केंद्र सरकार ने शहीद के परिवार वालों को उचित मुआवजा नहीं दिया। दिल्ली सरकार शहीद के परिजनों को एक करोड़ रुपये देती है। शहीद के परिवार को पंजाब सरकार की तरफ से दिया गया मुआवजा उनके गले से नहीं उतर रहा।